नई दिल्ली, 16 जून: उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी का कहना है लगभग 40 फीसदी के आसपास पानी बर्बाद हो रहा है और लगभग 40 फीसदी पानी बेचा जा रहा है। मुश्किल से 20 फीसदी पानी ही दिल्ली की जनता को मिल रहा है।

मनोज तिवारी ने कहा कि यह संकट पहली बार तो आया नहीं है हर साल यह संकट होता है पूरे साल का संकट है लोग नल खोलते हैं तो गटर का पानी आने लगता है आतिशी किसको झूठ बोलना चाहती है आतिशी किसको धोखा दे रही है खुद को क्यों धोखा दे रहीं हैं दिल्ली की जनता के साथ इतना बड़ा अत्याचार आज आतिशी बताएं श्वेत पत्र लाएं कि 10 साल में कौन-कौन सी पाइप बदली गयी है दिल्ली की यह सब कामचोर लोग हैं यह लोग इनकी न तो काम करने की नियत है और ना तो नीति है उनकी नीति सिर्फ और सिर्फ खजाने को लूटने की है कैसे चोरी कर सकते हैं इसकी नीति है उसके कारण इन लोगों को सजा भी मिल रही है फिर भी यह बाज नहीं आ रहे हैं।

मनोज तिवारी ने कहा कि आज हर क्षेत्र का व्यक्ति दिल्ली की जनता वह चाहे पानी की बात हो त्राहि त्राहि कर रही है दिल्ली जल जमाव से परेशान हैं सड़कों पर इतनी गर्मी में भी लोग निकल कर कह रहे हैं की जो अपनी जनता को पानी न दे सके वह सरकार निकम्मी है मेरा कहना है कि आतिशी जी झूठ बोलने की भी एक सीमा होती है पानी आपको जरूरत से ज्यादा दिया जा रहा है उपलब्ध है लेकिन क्या आपके पास पानी पहुंचाने का सिस्टम है क्या आपने पाइप को ठीक किया 10 साल में एक भी पाइप की लीकेज भी ठीक हुई है पानी बेच रहे हैं टैंकर माफियाआज आप दो ढाई हजार रुपया लगाइए टैंकर में पानी लेकर आ जाएगा अब हम लोग जहां पानी की दिक्कत हो रही है अपने पॉकेट से पैसा लगाकर टैंकर भेज रहे जैसे हम कोविड के समय में लोगों को भोजन और दवाइयां भेजी मास्क भेजे थे वैसे हमें आज अपनी जेब से भेजना पड़ेगा और यह अत्याचारी झूठी सरकार बैठी हुई है और जो मुखिया है वह जेल के अंदर है और इस्तीफा देने का नाम नहीं ले रहे हैं तो दिल्ली अब इनको सजा देगी दिल्ली को अब यह लोग चाहिए ही नहीं जो सिर्फ बहाने बनाते हैं दिल्ली को वह चाहिए जो पानी दे पॉल्यूशन हटाए जल जमाव खत्म करें बुजुर्गों को पेंशन दे सबसे बड़ी समस्या उनके द्वारा पानी बेचना है टैंकर माफियाओं को।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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