डिजिटल डेस्क : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू समाज से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा है कि आज भी वहां करीब 1.25 करोड़ हिंदू मौजूद हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि यह समुदाय संगठित होकर लोकतांत्रिक और राजनीतिक व्यवस्था का सही ढंग से उपयोग करे, तो वह अपने अधिकारों, सुरक्षा और भविष्य को मजबूत बना सकता है।

मोहन भागवत ने कहा कि किसी भी समाज की शक्ति उसकी संख्या से अधिक उसकी एकता में होती है। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय ऐतिहासिक रूप से समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का वाहक रहा है, लेकिन समय-समय पर उसे असुरक्षा और भेदभाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में संगठन और सामूहिक प्रयास ही स्थायी समाधान का रास्ता खोलते हैं।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है। वोट, संवाद और संवैधानिक अधिकारों के माध्यम से समाज अपनी बात मजबूती से रख सकता है। भागवत ने कहा कि एकजुट हिंदू समाज न केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है, बल्कि सामाजिक सम्मान और विकास की दिशा में भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

आरएसएस प्रमुख ने अपील की कि समाज के भीतर आपसी मतभेद भुलाकर सांस्कृतिक पहचान, शिक्षा और सामाजिक सहयोग को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि जागरूकता और संगठन के बल पर बांग्लादेशी हिंदू समुदाय अपने लिए बेहतर भविष्य गढ़ सकता है।

मोहन भागवत का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब दक्षिण एशिया में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज है। उनकी यह अपील बांग्लादेशी हिंदुओं के बीच आत्मविश्वास और सामूहिक शक्ति का संचार करने वाली मानी जा रही है।

Rajnish Pandey
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