प्रिया कपूर ने ननद मंदिरा और पॉडकास्ट होस्ट पर लगाया सामाजिक अपमान का आरोप, फैमिली ट्रस्ट को लेकर रानी कपूर की याचिका से मामला और उलझा
नई दिल्ली। हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहा कपूर परिवार का विवाद अब कानूनी मोर्चे पर और तेज हो गया है। दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर ने अपनी ननद मंदिरा के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर करते हुए 20 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। इस मामले में एक पॉडकास्ट होस्ट को भी प्रतिवादी बनाया गया है।
प्रिया कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर दीवानी मुकदमे में दावा किया है कि मंदिरा द्वारा एक पॉडकास्ट में दिए गए कथित बयानों से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है। उनका कहना है कि इन बयानों के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमान और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा।
आपराधिक और दीवानी—दोनों मोर्चों पर लड़ाई
सूत्रों के अनुसार, पटियाला हाउस कोर्ट में दायर आपराधिक शिकायत में मंदिरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं हाईकोर्ट में दायर सिविल सूट में 20 करोड़ रुपये के हर्जाने के साथ-साथ अदालत से निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) जारी करने की अपील की गई है।
प्रिया कपूर ने अदालत से अनुरोध किया है कि मंदिरा और संबंधित पॉडकास्ट होस्ट को उनके खिलाफ कथित मानहानिकारक सामग्री के प्रकाशन या प्रसारण से रोका जाए। साथ ही, डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मौजूदा कंटेंट हटाने का भी निर्देश देने की मांग की गई है।
संपत्ति विवाद की पृष्ठभूमि
संजय कपूर की संपत्ति को लेकर पहले से ही कई कानूनी विवाद चल रहे हैं। प्रिया कपूर और संजय कपूर की दूसरी पत्नी, अभिनेत्री करिश्मा कपूर, के बीच संपत्ति को लेकर कानूनी संघर्ष पहले से चर्चा में है। ऐसे में यह नया मानहानि मामला विवाद को और जटिल बना रहा है।
फैमिली ट्रस्ट पर भी सवाल
इस पूरे प्रकरण में एक और मोड़ तब आया जब संजय कपूर की मां रानी कपूर ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने नाम पर बनाए गए फैमिली ट्रस्ट को रद्द करने की मांग की। रानी कपूर ने आरोप लगाया है कि यह ट्रस्ट उनकी जानकारी और सहमति के बिना बनाया गया था और इसके जरिए संपत्तियों का अवैध हस्तांतरण किया गया।
याचिका में यह भी कहा गया है कि दस्तावेजों पर उनसे बिना उचित जानकारी दिए हस्ताक्षर कराए गए और उन्हें उन संपत्तियों से बाहर कर दिया गया जिन पर उनका वैध अधिकार था।
कानूनी लड़ाई लंबी होने के संकेत
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अब बहुस्तरीय हो चुका है—जहां एक ओर आपराधिक मानहानि का प्रश्न है, वहीं दूसरी ओर संपत्ति के स्वामित्व, ट्रस्ट की वैधता और पारिवारिक अधिकारों से जुड़े गंभीर आरोप भी हैं।
अदालत में सुनवाई की अगली तारीखों पर सभी पक्षों के जवाब और साक्ष्य इस बहुचर्चित विवाद की दिशा तय करेंगे। फिलहाल, कपूर परिवार का यह आंतरिक विवाद सार्वजनिक मंच पर आ चुका है और आने वाले समय में इसके कई कानूनी और सामाजिक आयाम सामने आ सकते हैं।