लखनऊ, 22 नवंबर: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी मस्जिद विवाद मामले में ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन समिति और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस हिंदू याचिकाकर्ताओं द्वारा दाखिल की गई याचिका पर जारी किया गया है।

हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने कहा, “हिंदू पक्ष द्वारा यह मामला सुप्रीम कोर्ट में ले जाया गया है। वजू खाना में शिवलिंग का अभी-भी पुरातत्व विभाग द्वारा सर्वेक्षण नहीं हुआ है। इससे यह साफ हो सके कि यह शिवलिंग है या फव्वारा। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह फव्वारा है। एएसआई का सर्वे हुआ, जिसमें ज्ञानवापी के 12 तहखानों में से 8 तहखानों की एएसआई सर्वे नहीं हो पाया। इसके साथ ही मुख्य गुंबद के नीचे जो ज्योतिर्लिंग है, उसका भी सर्वे नहीं हो पाया है। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई थी। इसमें मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी किया गया है। मुस्लिम पक्ष को स्पष्ट कहा गया है कि वो दो सप्ताह के अंदर अपना जवाब दाखिल करें। हम आशा करते हैं कि वो जल्द ही अपना जवाब दाखिल करेंगे।”

अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा, “हमने 16 मई 2022 को दावा किया था कि तथाकथित वजू खाना में एक शिवलिंग पाया गया है। हालांकि, अंजुमन इंतजामिया ने इसका खंडन किया और कहा कि यह एक फव्वारा है। इसी को देखते हुए हमने इसका एएसआई सर्वेक्षण कराने की मांग की थी। हमने अब इस मामले में मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा, मुस्लिम पक्ष को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया है। ऐसे में देखना होगा कि मुस्लिम पक्ष की ओर से जवाब में क्या कुछ कहा जाता है।”

दावा किया जा रहा है कि वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के दौरान वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शिवलिंग पाया गया था। इसी को देखते हुए यह मामला कोर्ट में पहुंचा। अदालत ने वजू खाना सीलबंद क्षेत्र में एएसआई सर्वेक्षण के लिए नोटिस दिया है।

Rajnish Pandey
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