नई दिल्ली, 27 सितंबर: आम आदमी पार्टी (आआपा) के नेता और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने शनिवार को एमसीडी के शिक्षा विभाग में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) के लिए शिक्षकों की नियुक्ति और प्रबंधन में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने सीडब्ल्यूएसएन की खाली पदों को तत्काल भरने और अनियमितताओं की जांच की मांग की।

अंकुश नारंग ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कहा कि दिल्ली में एमसीडी के 1,514 स्कूल हैं, जिनमें विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य है। 55 स्कूलों में एक भी विशेष शिक्षक नहीं है, जबकि कई स्कूलों में दो-दो विशेष शिक्षक नियुक्त हैं, जो एमसीडी के वित्त विभाग के नियमों के खिलाफ है। उन्होंने एमसीडी पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी वजह से सीडब्ल्यूएसएन छात्रों की संख्या 10,000 से घटकर 7500 रह गई है।

उन्होंने बताया कि 1514 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 1460 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जिससे शिक्षकों की कमी साफ झलकती है। उन्होंने कहा कि कुछ स्कूलों में जहां केवल 5-10 सीडब्ल्यूएसएन छात्र हैं, वहां दो-दो विशेष शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा है। इसके अलावा, कई शिक्षकों के पास वैध रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) सर्टिफिकेट नहीं है, फिर भी विभाग इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। नारंग ने सवाल उठाया कि जब सीडब्ल्यूएसएन छात्रों के लिए विशेष शिक्षक नियुक्त किए गए थे, तो उन्हें स्कूलों से हटाकर दफ्तरों में क्यों बिठाया गया है? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एमसीडी शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का भविष्य खतरे में है।

Rajnish Pandey
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