नई दिल्ली, 31 जनवरी : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि सरकार विकास में सबकी भागीदारी को महत्व देते हुए किसान, मजदूर, नौकरी पेशा मध्यम वर्ग, महिलाओं की हिस्सेदारी को सुनिश्चित कर विश्व बंधु की भूमिका में ग्लोबल साउथ (दक्षिण गोलार्द्ध के विकासशील और गरीब देशों के समूह) की प्राथमिकताओं के साथ तीसरी आर्थिक शक्ति बन रहे देश को 2047 में विकसित भारत बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रही है।

श्रीमती मुर्मु ने शुक्रवार को संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार विकसित भारत के विजन में जनभागीदारी के सामूहिक सामर्थ्य को महत्व देते हुए देश की आर्थिक उन्नति के रोडमैप को सशक्त बना रही है और अपने तीसरे कार्यकाल में जो कदम उठा रही है उसमें आर्थिक गति बढ़ाने के लिए ढांचागत विकास, कृषि विकास, सामाज के हर वर्ग को विकास की धारा से जोड़कर सबके विकास को सुनिश्चित को विशेष महत्व दे रही है। देश में सभी को भोजन और आवास मिले इस योजना को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का विस्तार कर तीन करोड़ अतिरिक्त परिवारों को नये घर देने का निर्णय लिया है। इसके लिए पांच लाख छत्तीस हज़ार करोड़ रुपए खर्च किए जाने की योजना है। सरकार के विकसित भारत के विजन में जनभागीदारी के सामूहिक सामर्थ्य को महत्व देते हुए देश की आर्थिक उन्नति के रोडमैप को मजबूत बनाया जा रहा है।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के आरंभ में दो माह पहले संविधान बनने की 75वीं वर्षगांठ तथा 26 जनवरी को भारतीय गणतंत्र की 75 वर्षों की यात्रा का ज़िक्र किया और लोकतन्त्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को नई ऊंचाई देने के लिए देशवासियों की तरफ से बाबासाहेब आंबेडकर समेत सभी संविधान निर्माताओं को नमन किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर भी शोक व्यक्त करते हुए प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर तड़के भगदड़ में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि भी अर्पित कर घायलों के शीघ्र स्वास्थ होने की कामना की।

उन्होंने कहा, “भारत की विकास यात्रा के इस अमृतकाल को आज सरकार अभूतपूर्व उपलब्धियों के माध्यम से नई ऊर्जा दे रही है। तीसरे कार्यकाल में तीन गुना तेज गति से काम हो रहा है। आज देश बड़े निर्णयों और नीतियों को असाधारण गति से लागू होते देख रहा है। और इन निर्णयों में देश के गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, महिलाओं, किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिली है। गांव में गरीबों को उनकी आवासीय भूमि का हक़ देने और वित्तीय समावेशन के लिए प्रतिबद्ध है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत अब तक दो करोड़ पच्चीस लाख सम्पत्ति कार्ड जारी किए हैं जिनमें से करीब 70 लाख कार्ड पिछले छह महीने में जारी हुए हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत करोड़ों किसानों को पिछले महीनों में 41 हज़ार करोड़ रुपए की राशि का भुगतान हुआ है। जनजातीय समाज के पांच करोड़ लोगों के लिए “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष” अभियान प्रारंभ हुआ है। इसके लिए अस्सी हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार के एक दशक के कार्यकाल ने विकसित भारत की यात्रा को नई ऊर्जा दी है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के छह करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा देने का फैसला हुआ है। इन्हें हर वर्ष पांच लाख रुपये का हेल्थ कवर मिलेगा। छोटे उद्यमियों के लिए मुद्रा ऋण की सीमा दस लाख रुपए से बढ़ाकर बीस लाख रुपए कर दी गई है। सरकार ने युवाओं की शिक्षा और उनके लिए रोज़गार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष फोकस किया है। मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा में वित्तीय सहायता देने के लिए पीएम विद्यालक्ष्मी योजना शुरू की गई है। एक करोड़ युवाओं को शीर्ष 500 कंपनियों में इंटर्नशिप के अवसर भी दिये जाएंगे। पेपर लीक की घटनाओं को रोकने और भर्ती में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नया कानून लागू किया गया है। सहकार से समृद्धि की भावना पर चलते हुए सरकार ने ‘त्रिभुवन’ सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव स्वीकृत किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में 25 हज़ार बस्तियों को जोड़ने के लिए 70 हज़ार करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। आज जब हमारा देश अटल जी की जन्म शताब्दी का वर्ष मना रहा है, तब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना उनके विजन का पर्याय बनी हुई है। देश में अब 71 वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत ट्रेन चल रही हैं, जिनमें पिछले छह माह में ही सत्रह नई वंदे भारत और एक नमो भारत ट्रेन को जोड़ा गया है।

“वन नेशन-वन इलेक्शन” और “वक़्फ़ अधिनियम संशोधन” जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी सरकार ने तेज गति से कदम आगे बढ़ाए हैं।

श्रीमती मुर्मु ने कहा, “मेरी सरकार के एक दशक के कार्यकाल ने विकसित भारत की यात्रा को नई ऊर्जा दी है। विकसित भारत के विजन में जनभागीदारी का सामूहिक सामर्थ्य है, देश की आर्थिक उन्नति का रोडमैप है, डिजिटल क्रांति के रूप में टेक्नॉलाजी की ताकत है और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का आधार है। सरकार के प्रयासों के बल पर भारत, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। विकसित भारत की उड़ान को हमारे संविधान के आदर्शों का सतत मार्गदर्शन मिलता रहे, इसके लिए सरकार ने सेवा, सुशासन, समृद्धि और स्वाभिमान, इन प्रमुख सिद्धांतों को सुशासन के केंद्र में रखा है।” उन्होंने कहा, “सरकार सुधार, क्रियान्वयन और परिवर्तन के अपने संकल्प को तेज गति से आगे बढ़ा रही है। सरकार का मंत्र है – सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। इस मंत्र का एक ही लक्ष्य है – विकसित भारत का निर्माण।”

राष्ट्रपति ने कहा, “जब देश के विकास का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी मिलने लगता है तभी विकास सार्थक होता है। यही अंत्योदय की वो भावना है जिसके प्रति मेरी सरकार संकल्पित रही है। गरीब को गरिमापूर्ण जीवन मिलने से उसमें जो सशक्तिकरण का भाव पैदा होता है, वो गरीबी से लड़ने में उसकी मदद करता है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने 12 करोड़ शौचालय, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत निशुल्क दिए गए 10 करोड़ गैस कनेक्शन, 80 करोड़ जरूरतमंदों को राशन, सौभाग्य योजना, जल जीवन मिशन जैसी अनेक योजनाओं ने गरीब को ये भरोसा दिया है कि वो सम्मान के साथ जी सकते हैं। ऐसे ही प्रयासों की वजह से देश के 25 करोड़ लोग गरीबी को परास्त करके आज अपने जीवन में आगे बढ़ रहे हैं। इन्होंने नियो मिडिल क्लास का एक ऐसा समूह तैयार किया है, जो भारत की प्रगति को नई ऊर्जा से भर रहा है।”

राष्ट्रपति ने कहा, “भारत जैसे देश की आर्थिक उन्नति मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं और उनकी पूर्ति से परिभाषित होती है। मध्यम वर्ग जितने बड़े सपने देखेगा देश उतनी ही ऊंची उड़ान भरेगा। सरकार ने मुक्त स्वर से मध्यम वर्ग के योगदान को न केवल स्वीकारा है बल्कि हर मौके पर उसे सराहा भी है। सरकारी कर्मचारी भी मध्यम वर्ग के अहम प्रतिनिधि हैं। हाल ही में सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए आठवें वेतन आयोग के गठन का निर्णय लिया है। ये निर्णय, आने वाले वर्षों में सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बड़ी वृद्धि का आधार बनेगा। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों को एकीकृत पेंशन स्कीम के तहत पचास प्रतिशत सुनिश्चित पेंशन देने का निर्णय भी लिया गया है, जिसका व्यापक स्वागत हुआ है। मध्यम वर्ग का अपने घर का सपना पूरा करने के लिए भी मेरी सरकार प्रतिबद्ध है। रेरा जैसा कानून बनाकर मध्यम वर्ग के सपने को सुरक्षा दी गई है। घर के लिए ऋण पर सब्सिडी दी जा रही है।”

उन्होंने कहा कि उड़ान योजना ने लगभग डेढ़ करोड़ लोगों का हवाई जहाज में उड़ने का सपना पूरा किया है। जन औषधि केंद्र में 80 प्रतिशत रियायती दरों पर मिल रही दवाओं से, देशवासियों के 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बचे हैं। हर विषय की पढ़ाई के लिए सीटों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी का बहुत लाभ मध्यम वर्ग को मिला है। राष्ट्र निर्माण में करदाता के योगदान को मेरी सरकार ने सम्मान देते हुए टैक्स से जुड़े मसलों को आसान किया है। टैक्स विवादों को कम करने के लिए फेसलेस मूल्यांकन की शुरुआत कर पारदर्शिता बढ़ाई गई है। अब देश में पचहत्तर वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को, जिन्हें सिर्फ पेंशन मिलती है, आयकर रिटर्न दाखिल करने के संबंध में स्वयं निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है।

श्रीमती मुर्मु ने कहा कि सरकार महिलाओं के नेतृत्व में देश को सशक्त बनाने में, यानी महिला नीत नेतृत्व में विश्वास करती है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के द्वारा लोक सभा और विधान सभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 91 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों को सशक्त किया जा रहा है। देश की दस करोड़ से भी अधिक महिलाओं को इसके साथ जोड़ा गया है। इन्हें कुल नौ लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि बैंक लिंकेज के माध्यम से वितरित की गई है। सरकार का लक्ष्य देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का है। आज एक करोड़ पंद्रह लाख से भी अधिक लखपति दीदी एक गरिमामय जीवन जी रही हैं। इनमें से लगभग 50 लाख लखपति दीदी, बीते 6 महीने में बनी हैं। ये महिलाएं एक उद्यमी के रूप में अपने परिवार की आय में योगदान दे रही हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि ‘सबके लिए बीमा’ की भावना के साथ कुछ महीने पूर्व ही बीमा सखी अभियान शुरू किया गया है। हमारी बैंकिंग और डिजी पेमेंट सखियाँ दूर दराज के इलाक़ों में लोगों को वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कृषि सखियाँ नेचुरल फ़ार्मिंग को बढ़ावा दे रही हैं और पशु सखियों के माध्यम से हमारा पशुधन मज़बूत हो रहा है। ड्रोन दीदी योजना महिलाओं के आर्थिक और तकनीकी सशक्तिकरण का माध्यम बनी है।

उन्होंने कहा कि जब देश के विकास का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी मिलने लगता है तभी विकास सार्थक होता है। यही अंत्योदय की वो भावना है जिसके प्रति मेरी सरकार संकल्पित रही है। गरीब को गरिमापूर्ण जीवन मिलने से उसमें जो सशक्तिकरण का भाव पैदा होता है, वो गरीबी से लड़ने में उसकी मदद करता है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने 12 करोड़ शौचालय, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत निशुल्क दिए गए 10 करोड़ गैस कनेक्शन, 80 करोड़ जरूरतमंदों को राशन, सौभाग्य योजना, जल जीवन मिशन जैसी अनेक योजनाओं ने गरीब को ये भरोसा दिया है कि वो सम्मान के साथ जी सकते हैं। ऐसे ही प्रयासों की वजह से देश के 25 करोड़ लोग गरीबी को परास्त करके आज अपने जीवन में आगे बढ़ रहे हैं। इन्होंने नियो मिडिल क्लास का एक ऐसा समूह तैयार किया है, जो भारत की ग्रोथ को नई ऊर्जा से भर रहा है।

उन्होंने कहा “भारत जैसे देश की आर्थिक उन्नति मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं और उनकी पूर्ति से परिभाषित होती है। यह वर्ग जितने बड़े सपने देखेगा देश उतनी ही ऊंची उड़ान भरेगा। सरकार ने मुक्त स्वर से इस वर्ग के योगदान को न केवल स्वीकारा है बल्कि हर मौके पर उसे सराहा भी है। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम के तहत पचास प्रतिशत सुनिश्चित पेंशन देने का निर्णय भी लिया गया है, जिसका व्यापक स्वागत हुआ है। उड़ान योजना ने लगभग डेढ़ करोड़ लोगों का हवाई जहाज में उड़ने का सपना पूरा किया है। जन औषधि केंद्र में 80 प्रतिशत रियायती दरों पर मिल रही दवाओं से देशवासियों के 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बचे हैं।”

महिलाओं के नेतृत्व में देश को सशक्त बनाने की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा “सरकार महिलाओं के नेतृत्व में देश को सशक्त बनाने में, यानी ‘वूमेन लेड डेवलपमेंट’ में विश्वास करती है और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण जैसा बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए 91 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों को सशक्त किया जा रहा है। दस करोड़ से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया और नौ लाख से अधिक की राशि देकर तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। एक करोड़ 15 लाख से अधिक लखपति दीदी गरिमामयी जीवन जी रही हैं।

उन्होंने कहा कि 2,000 करोड़ रुपये की लागत से ‘मिशन मौसम’ प्रारम्भ किया गया है, जिसका लाभ हमारे किसानों को भी मिलेगा। पूर्वोत्तर के राज्यों विकास के लिए और वहां के लोगों में अलगाव की भावना को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा इसलिए पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के लिए प्रथम अष्टलक्ष्मी महोत्सव आयोजित किया गया। अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास का वातारण हुआ है और कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेल कनेक्टिविटी शुरू की गई है। यही नहीं कश्मीर में दुनिया का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज बनाया गया है।

श्रीमती मुर्मु ने कहा “सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन का निर्णय लिया है। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों को बहुत फायद मिलेगा। एआई डिजिटल तकनीक में भारत दुनिया को रास्ता दिखा रहा है और इसके लिए डिजिटल धोखाधड़ी, साइबर अपराध और ‘डीपफेक’ सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती इंडिया एआई मिशन शुरू किया गया है।”

उन्‍होंने कहा कि सरकार ने किसानों के हित में कई निर्णय लिए हैं। सरकार युवाओं, गरीबों के लिए काम कर रही है और भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश तेज गति से आगे बढ़े इसके लिए किसान, गरीब सरकार की प्राथमिकता पर हैं और एक देश एक चुनाव की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। युवाओं की शिक्षा और रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा मेधावी छात्रों के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है और उन्हें कंपनियों में इंटर्नशिप का अवसर दिया जा रहा है। प्रतिभाओं का देश के लिए उपयोग हो इसके लिए पेपरलीक जैासी घटनाओं को रोकने के लिए नया कानून बनाया जा रहा है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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