नई दिल्ली, 13 अप्रैल: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि जेल के अंदर अरविंद केजरीवाल को प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका मनोबल तोड़ने का काम किया जा रहा है। न्यूनतम सुविधा जो मिलती है। उसे भी छीना जा रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की मुलाकात जंगले यानी विंडो के जरिए कराई जा रही है।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि ”पीएम की अगुवाई में ऐसा काम हो रहा है जो तिहाड़ जेल के इतिहास में कभी नहीं हुआ होगा। अधिकारी मोहरा हैं। जो उनके आका आदेश देते हैं। वही काम करते हैं। मुलाकात को लेकर जेल का नियम 602 और 605 ये कहता है कि किसी की भी मुलाकात फेस टू फेस कराई जा सकती है। ये अधिकारी जेल प्रशासन को होता है। सीएम केजरीवाल की पत्नी व पूरा परिवार चिंतित है। माता पिता बीमार हैं। हालचाल जानने के लिए जब अरविंद केजरीवाल की पत्नी मुलाकात के लिए आवेदन करती हैं तो उनसे कहा जाता है फेस टू फेस मीटिंग नहीं कर सकते हैं। आपको जंगले यानी कि विंडो से मुलाकात करनी होगी। इसके बीच शीशा होगा। संजय सिंह ने कहा कि इतना अमानवीय व्यवहार हो रहा है।”
जबकि सैकड़ों मुलाकातें फेस टू फेस बैठाकर कराई जाती हैं। लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री की मुलाकात उनकी पत्नी से जंगले से होगी। जबकि खूंखार अपराधियों की मुलाकात भी बैरक के अंदर होती है। उन्होंने कहा कि ”पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्यसभा सांसद संजय सिंह की मुलाकात कराई जाने का आवेदन किया गया गया। इसके बाद हमारे वकील को टोकन नंबर 4152 दे दिया जाता है, अचानक मुलाकात के एक दिन पहले मुलाकात को कैंसिल कर दिया जाता है। हवाला दिया जाता है कि सुरक्षा कारणों से शार्ट नोटिस पर मुलाकात नहीं कराई जा सकती है”।
भगवंत मान भी फिजिकल मुलाकात नहीं कर सकेंगे संजय सिंह ने कहा कि अब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी जंगले से ही अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करनी होगी। फिजिकल मुलाकात नहीं कराई जाएगी। मैं तिहाड़ जेल के प्रशासन, देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से पूछना चाहता हूं कि एक नाम बताएं जिनकी जेल में मुख्यमंत्री की मुलाकात जंगले से कराई गई हो। यह मुख्यमंत्री को मानसिक रूप से परेशान करना चाहते हैं। संजय सिंह ने कहा कि मैं दिल्ली का सांसद हूं जेल में मुझे निर्वाचित मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया जा रहा है। नियम कानून का तमाशा बना दिया गया है।
इतना जुर्म मत करो ये अच्छी बात नहीं है। सुब्रतो, चंद्रा ब्रदर को जेल में दी जाती थी सुविधाएंः इसी जेल में सुब्रतो राय सहारा थे तो उनकी मुलाकात आमने सामने बैठकर मुलाकात होती थी। इंटरनेट फोन की भी सुविधा थी। चंद्रा ब्रदर इसी जेल में बकायदा मीटिंग करते थे। जिससे चाहते थे मुलाकात करते थे। वहां पर अपने कागजात साइन करते थे। लेकिन अरविंद केजरीवाल से इन्हें इतना डर लगता है कि उनका मनोबल तोड़ने के लिए उन्हें बार बार अपमानित कर रहे हैं। जनता जेल का जवाब वोट से देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हिटलरशाही के रूम में काम करने का प्रयास न करें दुनिया में जितने हिटलर हुए सभी का अंत हुआ।
दिल्ली में लागू नहीं हो सकता राष्ट्रपति शासनः संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली में राष्ट्रपति शासन नहीं लगाया जा सकता है। भाजपाई तीन बार एक सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट गए। उनकी याचिका निरस्त हो गई। एक बार तो जुर्माना लग गया याचिका पर। दिल्ली में लॉ एंड आर्डर की स्थिति गड़बड़ नहीं है। यदि गड़बड़ है तो गृह मंत्री पर कार्रवाई होनी चाहिए। जो विभाग हमारे पास हैं वह अच्छे से काम कर रहे हैं। विधानसभा में विश्वासमत हासिल कर चुके हैं। ऐसे कैसे राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं।
संजय सिंह ने ये भी कहा कि ”भारत माता के दामन को भाजपाइयों ने हमेशा कलंकित किया है। आजादी के आंदोलन में इनके पुरखों ने अंग्रेजों का साथ दिया है। इसके एक हजार उदाहरण हैं। जो पाकिस्तान की आईएसआई हिंदुस्तान में आतंक फैलाती है। पठानकोट में आईएसआई को बुलाकर हमारे शहीदों की जांच कराई। प्रधानमंत्री ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को बुलाकर भारत माता की शान को कलंकित किया। भाजपा ने शहीदों के ताबूत में घोटाला किया। भारत माता की शान को बचाने के लिए एक एक नागरिक तैयार है लेकिन भाजपाइयों से उसके लिए कोई प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। भाजपाइयों के पुरखों ने जिन्ना के साथ मिलकर तीन राज्यों में सरकार भी बनाई थी”।
वहीं गोपाल राय ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि आप 14 अप्रैल को बाबा साहब की जयंती पर देश भर में ‘संविधान बचाओ, तानाशाही हटाओ’ दिवस मनायेगी। गोपाल राय ने कहा कि अगर आज संविधान को बचाना है तो पूरे देश को एकजुट होना होगा।