नई दिल्ली, 05 मई : केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कांग्रेस पर वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 के बारे में अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि मुस्लिम समूहों और लोगों के पास वक्फ करने, उसका प्रबंधन करने और उसे विनियमित करने के अधिकार बरकरार रहेंगे।

दिल्ली भाजपा कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास, पारदर्शिता और लैंगिक समानता के क्षेत्र में कई सुधार किए हैं। उन्होंने कहा, ”हाल में संसद द्वारा पारित वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 इस प्रगतिशील यात्रा का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।”

यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अफवाह फैला रही है कि इस कानून के कारण मुसलमानों के अधिकार समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कानून में पहली बार संशोधन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वक्फ मामलों में पारदर्शिता और प्रबंधन जैसे कुछ मुद्दों पर 2013 में किए गए पिछले संशोधन में ध्यान नहीं दिया गया था, जिनका अब वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 में ध्यान रखा गया है।

यादव ने कहा, ”मुस्लिम समूहों और व्यक्तियों द्वारा वक्फ करने, प्रबंधित करने और विनियमित करने के अधिकार नवीनतम संशोधन के बाद भी बरकरार रहेंगे।” उन्होंने कहा कि सरकार ने वक्फ विधेयक पर सभी विचारों को शामिल करने के लिए इस विषय को संयुक्त संसदीय समिति को भेजा था और वक्फ अधिनियम में नवीनतम संशोधनों पर विस्तार से चर्चा और विचार-विमर्श किया गया।

यादव ने कहा कि कांग्रेस के नेता वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 के बारे में अफवाह फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनसे पूछा जाना चाहिए कि अगर वक्फ कानून इतना ही पवित्र था, तो उनकी पार्टी की सरकारों ने 1956 से अब तक आठ बार इसमें संशोधन क्यों किया।

बाद में आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में मुस्लिम बुद्धिजीवियों की एक सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को 2008 में रहमान समिति की सिफारिश के अनुसार कंप्यूटरीकृत क्यों नहीं किया और विवादों को निपटाने के लिए कोई न्यायिक प्रणाली क्यों नहीं विकसित की।

यादव ने कहा, ”उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने पसमांदा लोगों और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के बारे में और प्रगतिशील मुस्लिम समाज के काम को रोकने के लिए पार्टी द्वारा किए गए पाप के बारे में बात क्यों नहीं की, ताकि इसे वोट बैंक के रूप में कायम रखा जा सके।”

उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम 2013 के बाद एक दशक के भीतर वक्फ संपत्तियों की संख्या दोगुनी हो गई। उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत की यह वृद्धि किसी की समझ से परे है और इसने वक्फ संपत्तियों के सही प्रबंधन की चर्चा को जन्म दिया है।

यादव ने कहा, ”केंद्रीय गृह मंत्री (अमित शाह) ने कहा है कि वक्फ का मुतवल्ली (देखभालकर्ता) केवल एक मुसलमान होगा और वे ही इसका प्रबंधन करेंगे।” उन्होंने कहा कि सरकार आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर रही है या संविधान द्वारा दी गई धार्मिक स्वतंत्रता के साथ छेड़छाड़ नहीं कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने वक्फ संपत्तियों से संबंधित विवादों को निपटाने के लिए न्यायाधिकरण की एक बेहतर प्रणाली लाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा, ”लेकिन कांग्रेस चाहती है कि वक्फ से संबंधित विवाद चलते रहें और उन्हें वोट मिलते रहें। अगर लोग अपने विवादों को सुलझाने में सफल हो गए तो कांग्रेस के वोट कम हो जाएंगे।” यादव ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार का एकमात्र उद्देश्य मुकदमों को कम करना है।

Rajnish Pandey
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