पटना, 18 अप्रैल: बिहार में लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान शुक्रवार को जिन चार सीटों पर होगा, सूबे में सर्वाधिक संवेदनशील बूथ इन्हीं लोकसभा क्षेत्रों में चिह्नित किये गये हैं। इनमें औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत 15 विधानसभा क्षेत्रों के सभी बूथ संवेदनशील घोषित किये गये हैं।

इन मतदान केंद्रों की संख्या करीब पांच हजार है। ऐसे में चुनाव आयोग की तरफ से कुछ जरूरी निर्देश भी जारी किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने संवेदनशील बूथों पर मतदान का समय सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक और सामान्य बूथों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक निर्धारित किया है।

तीन विधानसभा क्षेत्रों के कुल 995 बूथों को संवेदनशील माना गया है, जहां पर मतदान शाम चार बजे तक ही होगा। इसमें शेरघाटी विस क्षेत्र के 305 बूथ, बाराचट्टी के 332 बूथ व बोधगया के 358 बूथ संवेदनशील हैं। गया लोस के शेष सभी विस क्षेत्रों गया टाउन, बेलागंज व वजीरगंज में मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। जमुई लोस क्षेत्र की पांच विधानसभा क्षेत्रों के 1659 बूथ संवेदनशील हैं। इसमें सिकंदरा विस क्षेत्र के 313 बूथ, जमुई के 319 झाझा के 352, चकाई के 335 और तारापुर के 340 बूथ संवेदनशील हैं। इस लोकसभा क्षेत्र के सिर्फ एक विधानसभा शेखपुरा के बूथ सामान्य हैं। 1941 बूथों में नक्सल प्रभावित 223 बूथ और क्रिटिकल मतदान केंद्रों की संख्या 502 है।

नवादा लोकसभा क्षेत्र के दो विधानसभा क्षेत्रों के 666 बूथों को संवेदनशील माना गया है। इसमें रजौली विधानसभा में 333 बूथ और गोविंदपुर विधानसभा के 328 बूथ हैं। नवादा लोकसभा क्षेत्र के बरबीघा, हिसुआ, नवादा और वारिसलीगंज विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथ संवेदनशील हैं। उधर, औरंगाबाद लोकसभा के कुटुम्बा विधानसभा के 296 बूथ, रफीगंज के 367 बूथ, गुरुआ के 337 बूथ, इमामगंज के 344 बूथ और टिकारी के 357 बूथ संवेदनशील हैं। यहां मतदान शाम चार बजे तक ही होगा। केवल औरंगाबाद लोस क्षेत्र के औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्र में मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *