नई दिल्ली, 29 जून : भारतीय रेलवे यात्री आरक्षण प्रणाली में एक जुलाई से बड़ा बदलाव करने जा रही है जिसके फलस्वरूप टिकट बुकिंग क्षमता में विस्तार और तत्काल टिकट बुकिंग में उपयोगकर्ता के आधार से प्रमाणीकरण के साथ साथ आरक्षण चार्ट बनाने का तरीका भी बदला जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने यहां कहा कि भारतीय रेल यात्रियों के संपूर्ण यात्रा अनुभव को यात्री-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रेलयात्रा की शुरुआत टिकट आरक्षण से होती है और इसे सरल व सुविधाजनक बनाने के लिए रेलवे कई कदम उठा रही है।

हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन सुधारों की समीक्षा की थी और निर्देश दिए थे कि टिकटिंग प्रणाली को स्मार्ट, पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी होना चाहिए। योजना निर्माण में यात्री सुविधा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि यात्रियों को एक सहज और आरामदायक अनुभव मिल सके।

सूत्रों के अनुसार नई चार्टिंग प्रणाली से यात्रा योजना में यात्रियों को तैयारी करने में अधिक सुविधा होगी। वर्तमान व्यवस्था में अभी आरक्षण चार्ट ट्रेन प्रस्थान के चार घंटे पहले बनाया जाता है जिससे यात्रियों में अनिश्चितता बनी रहती है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो आस-पास के क्षेत्रों से ट्रेन पकड़ने आते हैं। अब नई प्रणाली के लिए रेलवे बोर्ड ने प्रस्ताव किया है कि चार्ट ट्रेन प्रस्थान से आठ घंटे पहले तैयार किया जाए। यदि ट्रेन अपराह्न दो बजे से पहले प्रस्थान करती है तो चार्ट एक दिन पहले रात नौ बजे ही तैयार कर लिया जाएगा। रेल मंत्री ने इस प्रस्ताव से सहमति जतायी है और चरणबद्ध तरीके से इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई व्यवधान न हो।

सूत्रों ने कहा कि इससे वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को स्थिति का जल्दी पता चलेगा और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अधिक समय मिलेगा। यह विशेष रूप से दूर-दराज़ या शहरी उपनगरों से आने वाले यात्रियों को लाभ देगा।

सूत्रों के अनुसार दिसंबर 2025 तक नई और आधुनिक यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) लागू हो जाएगी। रेल मंत्री ने नई पीआरएस प्रणाली की प्रगति की समीक्षा की है। इस परियोजना पर पिछले कुछ महीनों से क्रिस कार्य कर रहा है। नई प्रणाली अधिक लचीली, सक्षम और मौजूदा लोड से दस गुना अधिक संभालने में सक्षम होगी। टिकट बुकिंग क्षमता वर्तमान 32 हजार प्रति मिनट से बढ़कर 1.5 लाख टिकट प्रति मिनट होगी। पूछताछ क्षमता चार लाख से बढ़कर 40 लाख प्रति मिनट होगी। नई सुविधाओं में बहुभाषी और यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस, सीट विकल्प चुनने की सुविधा, किराया कैलेंडर, दिव्यांगजन, छात्र, रोगियों आदि के लिए एकीकृत विकल्प शामिल होंगे।

रेलवे ने हाल ही में तत्काल टिकट बुकिंग के लिए सुदृढ़ प्रमाणीकरण प्रणाली की घोषणा की है। इसके अनुसार रेलवे एक जुलाई से आईआरसीटीसी वेबसाइट/ऐप पर तत्काल टिकट केवल प्रमाणित उपयोगकर्ताओं को बुक करने की अनुमति देगा। जुलाई अंत तक ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य किया जाएगा। रेल मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि तत्काल बुकिंग के लिए प्रमाणीकरण व्यवस्था का विस्तार किया जाए। यह प्रमाणीकरण आधार या डिजीलॉकर में उपलब्ध किसी भी सरकारी पहचान पत्र के माध्यम से किया जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि भारतीय रेलवे लगातार अपनी प्रणालियों को आधुनिक और नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए प्रयासरत है। इन कदमों से टिकट बुकिंग अधिक आसान, पारदर्शी और सुनिश्चित होगी जिससे करोड़ों यात्रियों को लाभ पहुंचेगा।

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