नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने अपने कंज्यूमर बिजनेस में एक अहम उपलब्धि हासिल कर ली है। कंपनी ने बताया है कि उसके दो सबसे बड़े उपभोक्ता कारोबार—क्विक कॉमर्स और फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) अब कमाई करने लगे हैं। यह उपलब्धि बड़े पैमाने पर सोर्सिंग, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और हाई-मार्जिन प्रोडक्ट कैटेगरी पर फोकस का नतीजा मानी जा रही है।
क्विक कॉमर्स: लॉन्च के एक साल के भीतर ब्रेक-ईवन
अक्टूबर 2024 में लॉन्च किया गया रिलायंस का क्विक कॉमर्स बिजनेस अब लगभग हर ऑर्डर पर मुनाफा कमा रहा है। कंपनी के अनुसार, इस सेगमेंट का कंट्रीब्यूशन मार्जिन पॉजिटिव हो चुका है, जो किसी भी नए डिजिटल रिटेल मॉडल के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, रिलायंस ने इस सेगमेंट में:
* अपने विशाल सप्लाई चेन नेटवर्क
* लोकल स्टोर इंटीग्रेशन
* डेटा-ड्रिवन इन्वेंट्री मैनेजमेंट का बेहतर इस्तेमाल किया, जिससे डिलीवरी लागत घटी और प्रति ऑर्डर मार्जिन सुधरा।
FMCG बिजनेस: EBITDA से पहले कमाई में पॉजिटिव
रिलायंस ने करीब तीन साल पहले FMCG सेक्टर में कदम रखा था, जहां शुरुआत में भारी निवेश और ब्रांड बिल्डिंग पर जोर रहा। अब कंपनी ने बताया है कि यह कारोबार EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले) स्तर पर पॉजिटिव हो गया है।
इस सफलता के पीछे प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:
* बड़े पैमाने पर कच्चे माल की सोर्सिंग
* अपने रिटेल नेटवर्क के जरिए सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच
* प्राइवेट लेबल और हाई-मार्जिन प्रोडक्ट्स पर फोकस
रिटेल सेक्टर में रिलायंस की मजबूत पकड़
चेयरमैन मुकेश अंबानी, जो एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं, लंबे समय से रिटेल और कंज्यूमर बिजनेस को रिलायंस के भविष्य का अहम स्तंभ बताते रहे हैं। क्विक कॉमर्स और FMCG में मुनाफे की शुरुआत इस रणनीति की सफलता का संकेत है।