नई दिल्ली, 27 दिसंबर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि लोगों को अंगदान के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक पैमाने पर जागरुकता अभियान चलाने की आवश्यकता है क्योंकि अंग उपलब्ध नहीं होने के कारण बहुत से मरीजों में यकृत, गुर्दे और अन्य अंग प्रतिरोपण नहीं हो पाता।

राष्ट्रपति ने यहां ‘इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बायलरी साइंसेज’ (आईएलबीएस) के नौवें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और कहा कि एहतियाती स्वास्थ्य देखभाल पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।

मुर्मू ने कहा,” यह कहा जा सकता है कि यकृत शरीर का सुरक्षाकर्मी है। देश में यकृत से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं और उनके कारण होने वाली बीमारियां चिंता का बायस हैं।” उन्होंने कहा कि आईएलबीएस यकृत संबंधी बीमारियों को रोकने में अहम योगदान दे सकता है।

अंग उपलब्ध नहीं होने के कारण बहुत से मरीजों में यकृत,गुर्दे और अन्य अंगों का प्रतिरोपण नहीं हो पाता। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से समय-समय पर अंगदान से जुड़ी अनैतिक प्रथाएं भी सामने आती रहती हैं। इन समस्याओं का समाधान करना एक जागरुक समाज की जिम्मेदारी है। अंगदान के बारे में लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए हमारे देश में बड़े पैमाने पर अधिक से अधिक जागरुकता अभियान चलाने की जरूरत है।” राष्ट्रपति ने चिकित्सकों से कहा कि वे अपना भी ख्याल रखें।

 

 

 

Rajnish Pandey
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