नई दिल्ली, 25 मई: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की रविवार को यहां हुयी बैठक में सुशासन के मुद्दों पर चर्चा की गयी और जातीय जनगणना कराने के केन्द्र सरकार के फैसले का पूरी तरह समर्थन किया गया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राजग शासित राज्यों के सभी 20 मुख्यमंत्रियों और 18 उपमुख्यमंत्रियों के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे।

बैठक के बाद श्री नड्डा ने कहा, ‘‘बैठक में दो प्रस्ताव पारित किए गए। पहला प्रस्ताव ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर था, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और हमारी सेना के काम की प्रशंसा की गई तथा सेना द्वारा दिखाई गई बहादुरी की अत्यधिक सराहना की गई। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।”

श्री नड्डा ने कहा, ‘‘जातीय जनगणना पर भी बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया और सभी ने इस पर अपनी सहमति दी। साथ ही, श्री मोदी के इस फैसले की प्रशंसा की और उन्हें बधाई दी । हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि हम जातिगत राजनीति नहीं करते हैं, बल्कि वंचित, उत्पीड़ित और शोषित लोगों को मुख्यधारा में लाना चाहते हैं, जिन्हें छोड़ दिया गया है। यही समाज की जरूरत है।”

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ संबंधी प्रस्ताव राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा प्रस्तावित किया गया और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसका अनुमोदन किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जातीय जनगणना प्रस्ताव रखा और इसका अनुमोदन आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने किया।

श्री नड्डा ने कहा, ‘‘ बैठक में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान पर भी चर्चा हुई और उस चर्चा में, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस बारे में बात की कि हमने नक्सलवाद के खिलाफ कैसे लड़ाई लड़ी है और हमें कैसे सफलता मिल रही है। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि हम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्वास कैसे कर रहे हैं और हम उन्हें मुख्यधारा में कैसे ला रहे हैं। नक्सलवाद के संबंध में जो योजनाएं चल रही हैं, उन पर चर्चा की गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी रणनीति पर चर्चा की, और उन्होंने हमारा मार्गदर्शन किया और सभी मुख्यमंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों को सूचित किया कि हमने इसे हराने के लिए अपनी ताकत का उपयोग कैसे किया है।”

उन्होंने कहा, “पच्चीस और 26 जून को आपातकाल के 50 साल पूरे हो जाएंगे। राजग जनता के बीच जाकर इसे उजागर करेगा और जनता को उन लोगों की असलियत बताएगा जिन्होंने लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश की थी।”

बैठक का समन्वय भाजपा के सुशासन विभाग ने किया। इस सम्मेलन में राजग की विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा सर्वोत्तम प्रथाओं पर भी चर्चा की गई। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपनी पहलों पर प्रस्तुतियाँ भी दीं। उपस्थित मुख्यमंत्रियों में योगी आदित्यनाथ, श्री नीतीश कुमार, श्री एन चंद्रबाबू नायडू, श्री हिमंतविश्व शर्मा, श्री देवेन्द्र फडणवीस और श्री मोहन यादव आदि शामिल थे।बैठक में राजग सरकार की पहली वर्षगांठ, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के एक दशक पूरे होने भी विचार-विमर्श किया गया।

Rajnish Pandey
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