न्यूयॉर्क, 10 मई (वेब वार्ता): अमेरिका में मैनहट्टन फैडरल ज्यूरी ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वर्ष 1996 में स्तंभकार ई. जीन कैरल का यौन उत्पीड़न और उनकी मानहानि करने का दोषी पाया है। अदालत ने ट्रंप पर 50 लाख डॉलर का जुर्माना लगाया है।

अदालत का यह फैसला 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में ट्रंप की उम्मीदवारी की कोशिश को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, अदालत ने कहा कि कैरल यह साबित करने में विफल रहीं कि ट्रंप ने उनके साथ बलात्कार किया था। कैरल ने आरोप लगाया था कि पूर्व राष्ट्रपति ने मैनहैट्टन के एक डिपार्टमेंटल स्टोर में उनसे दुष्कर्म किया था।

ट्रंप द्वारा इन आरोपों को ‘‘झूठ’’ करार देने से संबंधित वीडियो जारी करने के बाद कैरल ने पूर्व राष्ट्रपति पर उनकी मानहानि करने का दावा किया था। कैरल (79) ने अदालत के इस फैसले को अपनी जीत करार दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘मैंने अपना जीवन वापस पाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ये मुकदमा किया था। आज, सच दुनिया के सामने आ चुका है।’’

कैरल ने कहा, ‘‘यह जीत सिर्फ मेरे लिए नहीं बल्कि हर उस महिला के लिए है जिसने दुख झेला है क्योंकि उस पर विश्वास नहीं किया गया।’’ कैरल का हवाला देते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘मुझे बिल्कुल नहीं पता कि यह महिला कौन है। यह फैसला शर्मनाक है।’’

अदालती सुनवाई पर सवाल खड़ा करते हुए ट्रंप ने आरोप लगाया, ‘‘ट्रंप से नफरत करने वाले, क्लिंटन द्वारा नियुक्त न्यायाधीश से आप और क्या उम्मीद कर सकते हैं।’’ पूर्व राष्ट्रपति के वकील ने अदालत के बाहर कहा कि ट्रंप फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।

गौरतलब है कि ट्रंप ने अलग-अलग महिलाओं द्वारा खुद पर लगाए गए यौन उत्पीड़न और यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को लगातार खारिज किया है। उनका दावा है कि ये आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और उनकी छवि खराब करने की साजिश हैं, ताकि वह व्हाइट हाउस की दौड़ में न शामिल हो पाएं।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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