नई दिल्ली, 12 अगस्त : भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निर्वाचन आयोग पर ‘वोट चोरी’ और ‘लोकतंत्र को कमजोर करने’ की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को ‘हल्ला बोल’ मार्च निकाला। यह विरोध मार्च पांच, रायसीना रोड स्थित युवा कांग्रेस मुख्यालय से निर्वाचन आयोग कार्यालय तक निकाले जाने की योजना थी। पुलिस ने हालांकि प्रदर्शनकारियों को भारतीय युवा कांग्रेस कार्यालय के बाहर ही हिरासत में ले लिया। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। वहीं एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने अपने समर्थकों के साथ इसमें हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उदय भानु चिब ने कहा कि राहुल गांधी ने हर चोरी का तथ्यों के साथ पर्दाफाश किया है। अगर भाजपा वोट चुराएगी तो युवा कांग्रेस चुप नहीं रहेगी। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने यह भी कहा कि ये लड़ाई सिर्फ एक वोट की नहीं, बल्कि उस विश्वास की है जिस पर लोकतंत्र टिका है। अगर मोदी सरकार हमारे वोट देने का अधिकार छीनने पर उतर आई है, तो चुप रहना गुनाह होगा। जब लड़ाई देश के वजूद की हो, तो सड़कों पर उतरना जिम्मेदारी बन जाती है। क्योंकि अगर वोट ही चोरी होता रहा, तो लोकतंत्र और संविधान दोनों खत्म हो जाएंगे। एनएसयूआई ने आज चुनाव आयोग कार्यालय की ओर अपना मार्च निकाला।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के नेतृत्व में शुरू हुए इस विशाल मार्च में भारी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। मार्च को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और सैकड़ों एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को वोट चोरी और चुनाव घोटाले के खिलाफ आवाज उठाने पर हिरासत में ले लिया गया। मीडिया को संबोधित करते हुए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला बोला और कहा हमने चुनाव आयुक्त के लिए आंखों की जांच (आई टेस्ट) का अपॉइंटमेंट बुक किया है, ताकि वह सच को साफ-साफ देख सकें।
चुनाव आयोग खुलकर भाजपा की वोट चोरी में मदद कर रहा है और अब इसका पूरा नाम इलेक्शन्स कम्प्रोमाइज्ड हो गया है। एनएसयूआई ने चुनाव आयोग पर सच छुपाने, भाजपा को बचाने, संविधान को कमजोर करने और जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। वरुण चौधरी का कहना है कि आखिर चुनाव आयोग की वेबसाइट से डिजिटल मतदाता सूची क्यों हटा दी गई? वह डिजिटल वोटर रोल क्यों नहीं साझा कर सकता? हम उन्हें याद दिलाना चाहते हैं कि उनकी जवाबदेही जनता के प्रति है, प्रधानमंत्री के प्रति नहीं।