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बीकानेर, 22 मई: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के बीकानेर में गुरुवार को 26 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास-उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित किया और साथ ही 1100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकसित 103 अमृत रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने देशनोक रेलवे स्टेशन पर बीकानेर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर राज्य के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, रेल, सूचना प्रसारण, इलैक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए पुनर्विकसित 103 अमृत रेलवे स्टेशनों में राजस्थान के आठ रेलवे स्टेशन (फतेहपुर शेखावाटी, देशनोक, बूंदी, मांडलगढ़, गोगामेड़ी, राजगढ़, गोविंदगढ़, मंडावर-महुआ रोड) शामिल हैं। भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर अग्रसर है जिससे रेलवे संचालन अधिक कुशल तथा पर्यावरण अनुकूल बन रहा है। इसी क्रम में श्री मोदी ने चूरू-सादुलपुर रेल लाइन (58 किमी) की आधारशिला रखेंगे तथा सूरतगढ़-फलोदी (336 किमी), फुलेरा-डेगाना (109 किमी), उदयपुर-हिम्मतनगर (210 किमी), फलोदी-जैसलमेर (157 किमी) तथा समदड़ी-बाड़मेर (129 किमी) रेल लाइन विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए पुष्कर में एनएच-58 पर 3 वाहन अंडरपास के निर्माण तथा एनएच-11, एनएच-70 (जैसलमेर से म्याजलार) की सड़कों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की आधारशिला भी रखी गई। साथ ही राजस्थान में लगभग 4 हजार 850 करोड़ की 7 सड़क परियोजनाओं को भी समर्पित किया। श्री मोदी विभिन्न विद्युत परियोजनाओं की आधारशिला रखी जिनमें नीपको 300 मेगावाट ग्राउंड माउंटेड सौर परियोजना (बीकानेर), एसजेवीएन 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना (नावा), डीडवाना तथा कुचामन की सौर परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही पार्ट बी पावरग्रिड सिरोही ट्रांसमिशन लिमिटेड और पार्ट ई पावरग्रिड मेवाड़ ट्रांसमिशन लिमिटेड के विद्युत निकासी के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली का शिलान्यास भी किया गया।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने तीन विद्युत परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया, जिनमें पावर ग्रिड नीमच ट्रांसमिशन सिस्टम लिमिटेड तथा बीकानेर कॉम्प्लेक्स की विद्युत निकासी के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली शामिल है। साथ ही फतेहगढ़-द्वितीय विद्युत स्टेशन में परिवर्तन क्षमता के विस्तार का उद्घाटन भी किया गया इससे कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री प्रदेश में कलासर सौर ऊर्जा परियोजना (500 मेगावाट) की आधारशिला रखेंगे और शिंभू का भुर्ज सौर ऊर्जा परियोजना (300 मेगावाट) का उद्घाटन भी किया गया।

श्री मोदी ने 3,240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 757 किलोमीटर की लंबाई के 12 राज्य राजमार्गों का उन्नयन और रखरखाव के लिए विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें मांगलियावास-पदुकलां (स्टेट हाइवे-102), ब्यावर-टेहला-अलनियावास (स्टेट हाइवे-59 और स्टेट हाइवे-104), दांतीवाड़ा-पीपाड़- मेड़ता सिटी (स्टेट हाइवे-21) शामिल हैं। राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम के विस्तार में गोटन-साथिन राजमार्ग के साथ 900 किलोमीटर के अतिरिक्त नए राजमार्ग शामिल किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री ने झुंझुनू जिले के लिए ग्रामीण जल आपूर्ति और फ्लोरोसिस शमन परियोजना, अमृत 2.0 के तहत पाली जिले के सात शहरों के लिए शहरी जल आपूर्ति योजनाओं के पुनर्गठन सहित विभिन्न जल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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