नई दिल्ली, 31 अगस्त : दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर ₹350 के टोल टैक्स का विरोध जारी है। इस टोल टैक्स को लेकर दो दर्जन से अधिक गाँवों के ग्रामीणों ने रविवार को एक महापंचायत का आयोजन किया। ग्रामीणों का कहना है कि यह टोल टैक्स उनके साथ अन्याय है, क्योंकि यह सड़क उन्हीं की ज़मीन से होकर गुजर रही है और उन्हें ही अपने एक गाँव से दूसरे गाँव जाने के लिए टोल देना पड़ रहा है।
पुलिस को पीछे हटना पड़ा
रविवार सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण टोल प्लाजा पर जुटने लगे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जब पुलिस ने महापंचायत को रोकने की कोशिश की, तो ग्रामीणों ने इसका जमकर विरोध किया, जिसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा। फिलहाल, महापंचायत शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।
किसानों की मांगें और आगे की रणनीति
मुंडका-बक्करवाला टोल फ्री संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस महापंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि वे इस टोल को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने टोल प्लाजा को “लूट प्लाजा” बताया। किसानों ने यह भी मांग की कि यूईआर-2 के दोनों ओर सर्विस रोड का निर्माण किया जाए, ताकि वे अपने ट्रैक्टरों को खेतों और मंडियों तक ले जा सकें, क्योंकि अभी इस रोड पर ट्रैक्टरों के निकलने पर प्रतिबंध है।
संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि वे अगले चार दिनों में परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलेंगे। यदि उनकी माँगें मान ली जाती हैं, तो वे अपना विरोध खत्म कर देंगे। अन्यथा, वे टोल प्लाजा के पास ही टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के वाहनों को उठाने का भी प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण उन्हें पीछे हटना पड़ा।