गांधीनगर/नई दिल्ली, 28 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए आज रेड कार्पेट बिछा रहा है। भारत के पास तकनीक, जनसांख्यिकी, लोकतंत्र और रिफार्म्स के प्रति समर्पित सरकार है। ऐसे में कहा जा सकता है कि भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए ‘गुड कंडक्टर’ बन रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आज गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में सेमीकॉनइंडिया 2023 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने सभा को भी संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की वैश्विक परिस्थिति में दुनिया के देशों को चिप मुहैया कराने के लिए एक विश्वसनीय सहयोगी की जरूरत है। ऐसे में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र से ज्यादा विश्वसनीय भागीदार कौन हो सकता है। पिछले साल सेमीकॉन के पहले संस्करण में भागीदारी को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर उद्योग में भारत में निवेश के बारे में उस समय उठाए गए सवालों पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि एक वर्ष की अवधि में प्रश्न ‘भारत में निवेश क्यों करें’ से ‘भारत में निवेश क्यों न करें’ में बदल गया है।

भारत की जी20 थीम ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ पर विचार करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र बनाने के पीछे भी यही भावना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत चाहता है कि उसके कौशल, क्षमता और सामर्थ्य से पूरी दुनिया लाभान्वित हो। उन्होंने वैश्विक भलाई और बेहतर दुनिया के लिए भारत की क्षमता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने इस उद्यम में भागीदारी, सुझावों और विचारों का स्वागत किया और उद्योग जगत के नेताओं को आश्वासन दिया कि भारत सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

प्रधानमंत्री ने लाल किले से अपने संबोधन को याद करते हुए कहा, ”यही समय है। यही सही समय है। सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए।” मोदी ने भारत में अपना विश्वास दिखाने के लिए उनकी सराहना करते हुए कहा, उद्योग जगत के नेताओं के प्रयासों के कारण एक दिशात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत के नेताओं ने भारत की आकांक्षाओं और क्षमता को अपने भविष्य और सपनों के साथ जोड़ लिया है। उन्होंने कहा, भारत निराश नहीं करता।

प्रधानमंत्री ने महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के दुष्प्रभावों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया को एक विश्वसनीय आपूर्ति शृंखला की जरूरत है। उन्होंने कहा, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र से ज्यादा भरोसेमंद भागीदार कौन हो सकता है। उन्होंने भारत के प्रति बढ़ते वैश्विक भरोसे पर खुशी जताई।

उन्होंने कहा कि निवेशकों को भारत पर भरोसा है क्योंकि यहां एक स्थिर, जिम्मेदार और सुधारोन्मुखी सरकार है। उद्योग जगत को भारत पर भरोसा है क्योंकि हर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है। तकनीकी क्षेत्र भारत पर विश्वास करता है क्योंकि यहां प्रौद्योगिकी बढ़ रही है। सेमीकंडक्टर उद्योग भारत पर भरोसा करता है क्योंकि हमारे पास विशाल प्रतिभा पूल है। कुशल इंजीनियर और डिज़ाइनर हमारी ताकत हैं। जो कोई भी दुनिया के सबसे जीवंत और एकीकृत बाजार का हिस्सा बनना चाहता है, उसे भारत पर भरोसा है।

मोदी ने 21वीं सदी के भारत में अवसरों की प्रचुरता को रेखांकित किया और कहा कि देश का लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और लाभांश भारत में व्यवसायों को दोगुना और तिगुना कर देगा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सेमीकॉन जैसे कार्यक्रम सॉफ्टवेयर अपडेट की तरह हैं जहां विशेषज्ञ और उद्योग जगत के नेता एक-दूसरे से मिलते हैं और विचार साझा करते हैं। मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी देखी और इस क्षेत्र के नवाचारों और ऊर्जा पर प्रसन्नता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने सभी से, विशेषकर युवा पीढ़ी से चल रही प्रदर्शनी में आने और नई तकनीक की ताकत को समझने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि हम भारत के डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्षेत्र में बड़ी तेजी से वृद्धि हो रही है। वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण में भारत की हिस्सेदारी कई गुना बढ़ गई है। 2014 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण 30 अरब डॉलर से कम था, जो आज 100 अरब डॉलर को पार कर गया है। पिछले दो वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल उपकरणों का निर्यात दोगुना हो गया है। 2014 से पहले भारत में केवल दो मोबाइल विनिर्माण इकाइयां थीं, जबकि आज यह संख्या 200 से अधिक हो गई है। उन्होंने बताया कि देश में ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ताओं की संख्या छह करोड़ से बढ़कर 80 करोड़ हुई है जबकि इंटरनेट कनेक्शन की संख्या 25 करोड़ से बढ़कर आज 85 करोड़ से अधिक हो गई है। इन आंकड़ों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह न केवल भारत की प्रगति का प्रतीक है बल्कि देश में बढ़ते व्यवसायों का भी संकेतक है।

सम्मेलन का विषय है- ‘भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को उत्प्रेरित करना।’ इसका उद्देश्य उद्योग जगत, शिक्षा जगत और अनुसंधान संस्थानों से जुड़े विश्व स्तर के अग्रणी व्यक्तियों को एक साथ लाना है। यह भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति और नीतियों को प्रदर्शित करता है, जो भारत को सेमीकंडक्टर के डिजाइन, विनिर्माण और प्रौद्योगिकी विकास के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने की परिकल्पना करते हैं। सेमीकॉनइंडिया 2023 में माइक्रोन टेक्नोलॉजी, एप्लाइड मैटेरियल्स, फॉक्सकॉन, एसईएमआई, कैडेंस और एएमडी जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर, कैडेंस के सीईओ अनिरुद्ध देवगन, फॉक्सकॉन के अध्यक्ष यंग लियू इस अवसर पर वेदांता के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, माइक्रोन के सीईओ, संजय मेहरोत्रा, एएमडी के सीटीओ मार्क पेपरमास्टर और सेमीकंडक्टर प्रोडक्ट्स ग्रुप एएमएटी के अध्यक्ष प्रभु राजा उपस्थित थे।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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