पुणे, 25 सितंबर : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत अपने मजबूत वृहद-आर्थिक बुनियादी पहलुओं के दम पर जुझारूपन दिखाने में सफल रहा है।

सीतारमण ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के 91वें स्थापना दिवस समारोह में कहा कि पिछले एक वर्ष में वैश्विक माहौल में अनिश्चितता बढ़ी है और उसका असर विभिन्न देशों पर महसूस किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इन सबके बीच भारत की मजबूती अलग नजर आती है। मजबूत वृहद-आर्थिक बुनियाद, युवा जनसंख्या और घरेलू मांग पर अधिक निर्भरता भारतीय अर्थव्यवस्था की मुख्य ताकत है।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में भी यह मजबूती बनी रही और इस अवधि में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही।

उन्होंने कहा, ‘‘यह महज संयोग नहीं है। यह सक्रिय राजकोषीय एवं मौद्रिक नीतियों, साहसिक संरचनात्मक सुधारों, बड़े पैमाने पर भौतिक एवं डिजिटल बुनियादी ढांचे के निर्माण, बेहतर शासन और प्रतिस्पर्धा में वृद्धि का परिणाम है।’’

इस मौके पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को अधिक ऋण देने पर जोर दिया।

उन्होंने बैंकों से शिक्षा ऋण को भी प्राथमिकता देने का आग्रह करते हुए कहा कि शिक्षा ऋण का कोई भी आवेदन अस्वीकार नहीं होना चाहिए।

नागराजू ने बैंकों से कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों में ऋण प्रवाह बढ़ाने का आग्रह किया। हालांकि इसके साथ उन्होंने कर्ज की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहने के लिए भी कहा।

Rajnish Pandey
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