नई दिल्ली, 01 अगस्त : बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा कुछ अन्य मुद्दों पर तत्काल चर्चा कराने की मांग को लेकर राज्य सभा में विपक्ष ने शुक्रवार को भी पूर्वाह्न के सत्रों में हंगामा जारी रखा और सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दूसरी बार सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

शून्य काल में पहले स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे कार्यवाही पुन: शुरू होते ही बिहार की मतदाता सूचियों की पुनरीक्षा को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी थी। पीठासीन उप-सभापति घनश्याम तिवाड़ी ने विपक्षी सदस्यों से सदन में व्यवस्था बनाये रखने की अपील करते हुए प्रश्न काल की कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने इसी बीच कांग्रेस के विवेक तन्खा का नाम पुकारा और उनसे सवाल पूछने को कहा। इस दौरान अनेक विपक्षी सदस्य अपने-अपने स्थान से उठ कर पीठ के समक्ष आ गये और नारेबाजी तेज कर दी।

शोर-शराबे के बीच इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव जवाब देने के लिए उठे, लेकिन सदन में विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के कारण कुछ स्पष्ट सुनायी नहीं दिया। व्यवस्था बनाये रखने की बार-बार अपील के बावजूद शोर-शराबा बढ़ता देख श्री तिवाड़ी ने कार्यवाही सोमवार पूर्वाह्न 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस मानसून सत्र में यह लगातार दूसरा सप्ताह है, जब राज्य सभा में शून्यकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी और इस दौरान एक दिन को छोड़ कर प्रश्न काल का पूरा समय भी विभिन्न मुद्दों पर कामरोको प्रस्ताव को लेकर विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया।

इससे पहले आज पूर्वाह्न कार्यवाही शुरू होते ही उप सभापति हरिवंश ने विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद कहा कि उन्हें अलग-अलग दलों केे सदस्यों से विभिन्न मुद्दों पर नियम 267 के तहत कार्य स्थगन प्रस्ताव के 30 नोटिस मिले हैं। उन्होंंने बताया कि राष्ट्रीय जनता दल के प्रो़ मनोज झा, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के तिरुचि शिवा, कांग्रेस के नीरज डांगी, रजनी पाटिल तथा रेणुका चौधरी, तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के जॉन ब्रिटास ने बिहार में एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि बीजू जनता दल (बीजद) के निंरजन बिशी, सुलता देव तथा सस्मित पात्रा ने ओड़िशा में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा की घटनाओं, तृणमूल कांग्रेस के समीरूल इस्लाम और मौसम नूर ने बंगाली श्रमिकों के साथ दूसरे राज्यों में भेदभाव, माकपा के ए़ ए़ रहीम ने छत्तीसगढ़ में दो नन की गिरफ्तारी, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के रामजीलाल सुमन ने अमेरिका के भारतीय उत्पादों पर लगाये गये आयात शुल्क और माकपा के वी शिवदासन ने सूचना प्रौद्योगिकी सेक्टर में कर्मचारियों की छंटनी के मुद्दे पर नोटिस देकर चर्चा कराने की मांग की है।

श्री हरिवंश ने कहा कि सभी नोटिस नियमों के अनुरूप नहीं हैं और इन्हें स्वीकार नहीं किया गया है।

उप सभापति ने शून्यकाल की कार्यवाही शुरू करते हुए आम आदमी पार्टी के डाॅ अशोक कुमार मित्तल का नाम पुकारा लेकिन इसी बीच विपक्षी दलोंं के सदस्य अपनी जगह से उठकर आसन के निकट आकर ‘वोट चोरी बंद करो’ और ‘एस आईआर पर हल्ला बोल’ जैसे नारे लगाने लगे।

उप सभापति ने कहा कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और यह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर चर्चा अभी नहीं करायी जा सकती। उन्होंने सदस्यों से कहा कि पूरा देश उनके आचरण को देख रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। शोरगुल नहीं रुकने पर श्री हरिवंश ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *