कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को लेकर राज्य में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने घुसपैठ, गरीबी, भ्रष्टाचार और कुशासन जैसे मुद्दों को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार को घेरा और दावा किया कि आने वाले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) दो-तिहाई बहुमत के साथ राज्य में सरकार बनाएगी।
अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल आज कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, जिनकी जड़ में राज्य की मौजूदा सरकार की नीतियां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में अवैध घुसपैठ लगातार बढ़ रही है, जिससे राज्य की सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने पर खतरा पैदा हो गया है। गृह मंत्री ने कहा, “बंगाल की सीमाएं असुरक्षित हैं। घुसपैठ को लेकर ममता सरकार आंख मूंदे बैठी है, जबकि इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।”
गरीबी और विकास के मुद्दे पर सरकार को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने राज्य में फैली गरीबी और बेरोजगारी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं को बंगाल सरकार ने राजनीतिक कारणों से सही तरीके से लागू नहीं किया, जिससे गरीब, किसान और मजदूर वर्ग को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि “ममता सरकार ने केंद्र की योजनाओं पर अपना नाम चिपकाने की राजनीति की, लेकिन ज़मीनी स्तर पर जनता तक लाभ नहीं पहुंचाया।”
कुशासन और भ्रष्टाचार के आरोप
गृह मंत्री ने बंगाल सरकार पर कुशासन और भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। शिक्षक भर्ती घोटाले और अन्य मामलों का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि तृणमूल सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।
बीजेपी के वादे और चुनावी दावा
अमित शाह ने भरोसा जताया कि बंगाल की जनता इस बार बदलाव के मूड में है। उन्होंने कहा, “आने वाले विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार और भय की राजनीति को खत्म करेगी। बीजेपी दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और राज्य में विकास, सुरक्षा और सुशासन का नया अध्याय शुरू होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी की सरकार बनने पर राज्य में बिना भेदभाव के विकास होगा, सीमाओं की सुरक्षा मजबूत की जाएगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह का आक्रामक रुख यह साफ संकेत देता है कि आगामी विधानसभा चुनावों में बंगाल राजनीतिक रूप से बेहद गर्म रहने वाला है, जहां बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच सीधी और कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।