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भोपाल, 19 जून : फिल्म ‘आदिपुरुष’ के सीन और डायलॉग्स को लेकर मध्यप्रदेश में भी विरोध हो रहा है। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने कहा है कि धार्मिक ग्रंथ की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिल्म के डायरेक्टर को ढूंढो और मारो। फिल्म के हर पात्र को चांटा मारेंगे।

क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने रविवार को राजगढ़ के ब्यावरा में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि ‘आदिपुरुष’ फिल्म में धार्मिक ग्रंथ की अवहेलना की गई है। हिंदू देवी-देवताओं के वस्त्र में भी चूक हुई है। इसके डायलॉग्स बर्दाश्त करने लायक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि करणी सैनिक 22 राज्यों में हैं। हमने मुंबई में भी कार्यकर्ताओं को निर्देश दे दिए हैं कि डायरेक्टर को ढूंढो और मारो।

उन्होंने कहा कि आज के युवा जो देखेंगे, वही सीखेंगे। आप लोग धार्मिक ग्रंथ और देवी-देवताओं पर फिल्म बनाते ही क्यों हैं? फिल्म बनाना ही है, तो जो चीज सत्य है, उसे दिखाइए। हमारे धार्मिक ग्रंथों का मनोरंजन मत करिए।

शेखावत ने कहा कि फिल्म के डायरेक्टर हिंदू के अलावा और अन्य धर्म पर फिल्म क्यों नहीं बनाते? क्योंकि उन्हें ये पता है कि हिंदू कभी भी विरोध नहीं करेंगे, लेकिन अब समय बदला है। फिल्म में जो भी है, उन सबको चांटा जड़ा जाएगा। फिल्म वालों को मैसेज दिया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की फिल्म कोई नहीं बनाए।

जल्द मनोज मुंतशिर का हिसाब होगा

इस मौके पर करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष इंदल सिंह राणा ने मनोज मुंतशिर को चेतावनी देते हुए कहा कि करणी सेना तेरा जल्दी हिसाब करेगी। शहर भी तेरा.. घर भी तेरा… और सिर भी तेरा…और जूता रहेगा करणी सेना का।

हनुमानजी को गलत तरीके से दिखायाः विक्रम

वहीं, आनंद सागर की रामायण में हनुमानजी का पात्र निभाने वाले विक्रम मस्ताल ने रविवार को भोपाल में प्रेस वार्ता कर आदिपुरुष फिल्म के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि मैं इस फिल्म का पूरी तरह से विरोध करता हूं। श्रीराम और हनुमानजी के पात्र को जिस तरह से दिखाया गया, वह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि भाषा का प्रयोग ठीक तरह से नहीं किया गया, जबकि हमारे आराध्य ने कभी इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं किया। मैं फिल्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा। अभी मैं फिल्म के बारे में सभी बातें समझ रहा हूं।

विक्रम ने कहा कि फिल्म के माध्यम से सनातन धर्म को गलत तरीके से दिखाया गया है। जिन सरकारों को लगता है संवाद गलत है, वो जो कार्रवाई करेंगे तो मैं उनके साथ हूं। मां नर्मदा की परिक्रमा को लेकर मैं फिल्म बना रहा हूं। फिल्म में नर्मदा में हो रहे अवैध खनन का मुद्दा भी उठाऊंगा।

उज्जैन में भी संतों ने किया था विरोध

उज्जैन में महामंडलेश्वर स्वामी शैलेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि ‘आदिपुरुष’ के आवरण और आचरण दोनों में मिलावट की गई है। ग्रंथों में प्रभु श्रीराम मां सीता के वेशभूषा के बारे में एकदम स्पष्ट है कि उनका आवरण व आचरण कैसा था। वहीं, क्रांतिकारी संत अवधेशपुरी महाराज ने कहा कि ‘आदिपुरुष’ में जगत जननी मां सीता को फूहड़ तरीके से पेश किया गया। जो हिन्दू फिल्म देखेगा, उसकी भावनाएं आहत होंगी।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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