कोच्चि, 08 जनवरी: केरल उच्च न्यायालय ने पांच साल पहले कासरगोड जिले के पेरिया शहर में दो युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या के जुर्म में पांच साल की सजा पाए माकपा के एक पूर्व विधायक सहित चार आरोपियों की सजा पर बुधवार को रोक लगा दी।

न्यायमूर्ति पी बी सुरेश कुमार और न्यायमूर्ति जे. सेबेस्टियन की पीठ ने पूर्व विधायक और माकपा के जिला नेता के वी कुन्हीरामन, कन्हानगढ़ ब्लॉक पंचायत अध्यक्ष के मणिकंडन, राघवन वेलुथोली और ए वी भास्करन की याचिका पर विचार करते हुए उनकी सजा पर रोक लगा दी।

केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत ने पिछले सप्ताह इस मामले में 10 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी वहीं कुन्हीरामन, मणिकंडन, वेलुथोली और भास्करन को पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई थी।

जिन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है उनमें पेरिया में माकपा स्थानीय समिति के सदस्य ए पीताम्बरन, साजी सी जॉर्ज उर्फ साजी, सुरेश के एम, अनिल कुमार के उर्फ अबू, गिजिन, श्रीराग आर उर्फ कुट्टू, अश्विन ए उर्फ अप्पू, सुबीश उर्फ मणि, रंजीत टी उर्फ अप्पू और ए श्रुएंदन उर्फ विष्णु सुरा शामिल हैं।

यह मामला 17 फरवरी 2019 को कथित तौर पर माकपा कार्यकर्ताओं द्वारा युवा कांग्रेस कार्यकर्ता कृपेश (19) और सरथ लाल पी के (24) की हत्या से जुड़ा है।

सीबीआई ने कहा था कि उसकी जांच से पता चला है कि आरोपी पीताम्बरन ए ने अन्य लोगों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची थी और कृपेश तथा सरथलाल के प्रति राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता तथा दुश्मनी के कारण उनकी हत्या करने का फैसला किया था।

Rajnish Pandey
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