Highlights

नई दिल्ली, 19 जुलाई: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के द्वारका में एक महिला पायलट और उसके पति ने बुधवार को कथित रूप से 10 वर्षीय घरेलू सहायिका को पीट दिया जिसकी भनक लगने पर आक्रोशित भीड़ ने दंपति की पिटाई कर दी। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी कौशिक बागची (36) और पूर्णिमा बागची (33) को बच्ची की पिटाई से जुड़ी घटना के संबंध में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि महिला एक निजी एयरलाइन में पायलट के रूप में कार्यरत है, जबकि उसका पति एक अन्य निजी एयरलाइन का कर्मचारी है।

पुलिस के मुताबिक इस घटना का पता चलने के बाद दंपति को पीड़िता के रिश्तेदारों और अन्य लोगों ने घेरे लिया और उनकी पिटाई कर दी। नाबालिग लड़की को उसकी एक रिश्तेदार के माध्यम से दंपति के घर पर काम के लिए रखा गया था। लड़की की रिश्तेदार भी पास के एक घर में काम करती थी। एक वीडियो में भीड़ में शामिल लोगों को आरोपी दंपति के साथ धक्का-मुक्की करते और उनकी पिटाई करते हुए देखा जा सकता है।

वीडियो में कुछ महिलाओं को कथित रूप से आरोपी महिला पायलट को थप्पड़ मारते हुए और उसके बाल खींचते हुए देखा जा सकता है, जो अपनी वर्दी में थी। वीडियो में पूर्णिमा को माफी मांगते हुए सुना जा सकता है जबकि कौशिक को भीड़ से उसका बचाव करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में कौशिक भीड़ में शामिल लोगों से कह रहा है, ‘‘वह मर जाएगी…उसे छोड़ दो…।’

इसके बाद एक बुजुर्ग व्यक्ति ने हस्तक्षेप किया, तब जाकर भीड़ तितर-बितर हुई। पुलिस उपायुक्त (द्वारका) एम हर्ष वर्धन ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे द्वारका दक्षिण थाने में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली एक नाबालिग लड़की से दुर्व्यवहार होने की सूचना मिली थी। उन्होने कहा कि पता चला कि 10 साल की बच्ची पिछले दो महीने से दंपति के घर पर काम कर रही है और दोनों ने बुधवार को नाबालिग लड़की की पिटाई कर दी। पुलिस के अनुसार बच्ची की रिश्तेदार महिला ने भी यह देखा।

पुलिस उपायुक्त ने कहा कि मामले की खबर फैलने पर दंपति के आवास के बाहर भीड़ एकत्र हो गई और उसने उनसे धक्का-मुक्की की। पुलिस ने बताया कि पीड़ित लड़की की आंखों पर चोट लगी है और उसके शरीर पर भी चोट के निशान हैं। पुलिस उपायुक्त ने कहा, ‘‘हमने भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 324 (खतरनाक हथियारों या साधनों से स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 370 (किसी व्यक्ति को गुलाम के रूप में खरीदना), बाल श्रम अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया गया है।” पुलिस ने कहा कि लड़की ने यौन उत्पीड़न का कोई आरोप नहीं लगाया है। क्या दंपति के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी? इसके जवाब में अधिकारी ने कहा कि शिकायत के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *