नई दिल्ली, 01 जुलाई : सरकार ने देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 1.07 लाख करोड़ रुपये की रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे दो साल में 3.5 करोड़ जॉब्स पैदा होने की उम्मीद है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने 1.07 लाख करोड़ रुपये की ईएलई योजना को भी मंज़ूरी दी है। ईएलई का मतलब है एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव। इस योजना का मकसद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नौकरियां पैदा करना है। इस योजना से उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा जहाँ नौकरी मिलने की संभावना ज्यादा है। सरकार का लक्ष्य इस योजना के तहत 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियां पैदा करना है।

आरडीआई योजना को भी मंजूरी

उन्होंने बताया कि सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये की आरडीआई योजना को मंजूरी दी है। RDI का मतलब है रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन। इस योजना से देश में नई खोजों को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत में चीजें बनाने की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही, भारत का नाम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे आएगा। सरकार ने इस योजना को बनाने से पहले इजराइल, अमेरिका, जर्मनी और सिंगापुर जैसे देशों के मॉडल को भी देखा था।

सरकार ने आरडीआई योजना के तहत कुछ खास क्षेत्रों पर ध्यान देने की बात कही है। इनमें ऊर्जा सुरक्षा, साफ़ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स और स्पेस जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा, खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल भी शामिल है। बायोटेक्नोलॉजी, बायोमैन्युफैक्चरिंग, सिंथेटिक बायोलॉजी, दवाइयां और मेडिकल डिवाइस भी इस योजना का हिस्सा हैं। डिजिटल अर्थव्यवस्था, डिजिटल खेती और देश को आत्मनिर्भर बनाने वाली टेक्नोलॉजी पर भी ध्यान दिया जाएगा।

वैष्णव ने कहा कि आरएनडडी योजना के तहत केवल वही प्रोजेक्ट्स सपोर्ट किए जाएंगे जो टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल 4 (टीआरएल 4) तक पहुंच गए हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल प्रोटोटाइप स्टेज को पार कर चुके प्रोजेक्ट्स को ही प्रोत्साहन दिया जाएगा। TRL 4 का मतलब है कि प्रोजेक्ट अभी शुरुआती स्टेज में नहीं है, बल्कि थोड़ा आगे बढ़ चुका है।

कैबिनेट ने नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी 2025 को भी मंजूरी दी है। यह पॉलिसी 2001 में बनी पॉलिसी की जगह लेगी। इसके अलावा सरकार ने तमिलनाडु में परमकुडी-रामनाथपुरम नेशनल हाईवे सेक्शन को चार लेन का बनाने की मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट पर 1,853 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह कदम सड़क व्यवस्था को सुधारने, कनेक्टिविटी बढ़ाने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *