नई दिल्ली, 03 मई: आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने एग्जिट पोल्स को लेकर प्रेस वार्ता कर सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया चैनलों के एग्जिट पोल्स को फर्जी करार देते हुए देश भर में इन्हें बंद करने की मांग की है। संजय सिंह ने एग्जिट पोल आंकड़ों पर भी सवाल उठाते हुए भाजपा पर भी कटाक्ष किया है।

संजय सिंह ने कहा कि एग्जिट पोल्स के द्वारा भाजपा जनता को भ्रमित और मतगणना को प्रभावित करने की नाजायज़ कोशिश कर रही है। एग्जिट पोल ख़ुद ही ख़ुद को ग़लत साबित कर रहा है। एग्जिट पोल करने वाली एजेंसियों ने ख़ुद को एक्सपोज कर दिया है। संजय सिंह ने कहा कि एग्जिट पोल एक नहीं बल्कि कई बार गलत हुए हैं। हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भी यही हाल हुआ था। सभी एग्जिट पोल ने वहां BJP को ज़्यादा सीटें दी थीं, जबकि वहाँ हुआ इसके बिल्कुल विपरीत। वहां कांग्रेस को 40 सीट मिली थीं और BJP को केवल 25 सीट ही मिली थीं।

संजय सिंह ने आगे कहा कि 2004 में एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा को सभी ने 260 से ज़्यादा सीटें दी थीं। वहीं जब नतीजे आये तो बीजेपी ध्वस्त हो गई थी। वहीं 2021 के दौरान पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी और नरेंद्र मोदी ने 200 पार का नारा दिया था। एग्जिट पोल में भी कई चैनलों ने बीजेपी को 150 से भी ज़्यादा सीटें दे दी थीं। वहीं जब नतीजे आए तब बीजेपी के हिस्से में केवल 77 सीटें ही आईं। यह तो एग्जिट पोल का इतिहास है।

आप नेता ने कहा कि एग्जिट पोल अब बंद होने चाहिए। ये जनता, प्रशासनिक तंत्र और चुनाव आयोग को प्रभावित करने का तरीक़ा है। इनकी कोई जवाबदेही नहीं है। अगर एग्जिट पोल के आँकड़े नतीजों से मेल नहीं खाते हैं तो क्या ये देश से माफ़ी माँगेंगे, क्या इन पर कोई एक्शन होगा?

वहीं, संजय सिंह ने अपने ट्वीट में चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा है। आप सांसद ने लिखा, ‘अगर सब कुछ ठीक है तो चुनाव आयोग हर रोज़ नई गाईडलाइन जारी क्यों कर रहा है? हमें इनके पास जाना पड़ रहा है। ईसी सफाई देने तो आ जाता है लेकिन काम करने को राज़ी नहीं है। चुनाव आयोग जनता के लिए काम करने के लिए बना है। वह जवाबदेह है और उसे सवालों का जवाब देना होगा। चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री जी ने जिस तरह की भाषा इस्तेमाल की, उसके खिलाफ ईसी ने कोई नोटिस जारी नहीं किया।’

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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