नई दिल्ली, 22 जनवरी: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस वार्ता कर बुधवार को देश के मध्यम वर्गीय परिवार की समस्याओं के को उठाते हुए केंद्र सरकार से सात प्रमुख मांगें रखीं। इनमें पहली शिक्षा का बजट 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाए। दूसरी उच्च शिक्षा के लिए सब्सिडी और स्कॉलरशिप दी जाए। तीसरी हेल्थ का बजट भी 10 प्रतिशत किया जाए और हेल्थ इंसोरेंस से टैक्स हटाया जाए। चौथी इनकम टैक्स की छूट की सीमा को 7 लाख से बढ़ाकर 10 लाख किया जाए। पांचवीं जरूरी चीजों के ऊपर जीएसटी खत्म किया जाए। छठी वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत रिटायरमेंट प्लान बनाए जाएं और देशभर में उन्हें मुफ्त इलाज दिया जाए और सातवीं रेलवे में बुजुर्गों को मिलने वाली छूट को फिर से लागू किया जाए।

केजरीवाल ने कहा कि भारत का मध्यम वर्गीय परिवार टैक्स का शिकार है। मध्यम वर्गीय अपनी आय का 50 प्रतिशत से अधिक विभिन्न प्रकार के टैक्स में दे देता है लेकिन बदले में उसे सरकार से कुछ खास नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि अब मध्यम वर्गीय के लोगों की आवाज को संसद में बुलंद किया जाए और उनके मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए। केजरीवाल ने कहा कि हमने मध्यम वर्गीय परिवार के लिए एक मैनिफेस्टो तैयार किया है। अगर आप इससे सहमत हैं तो हमारी वेबसाइट middleclassmanifesto.com पर साइन करें। मध्यम वर्गीय को एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी होगी। अगर पूरा मध्यम वर्गीय वर्ग एक साथ खड़ा हो जाए, तो सरकार को उनकी बात सुननी पड़ेगी।

अरविंद केजरीवाल ने मध्यम वर्गीय के प्रति सरकारों की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आजादी के 75 वर्षों में मध्यम वर्गीय को केवल टैक्स देने वाली मशीन समझा गया है। उन्होंने कहा कि सरकारें इनके लिए कुछ नहीं करतीं। जब भी सरकार को पैसे की जरूरत होती है, तो इन लोगों से ही टैक्स वसूला जाता है। केजरीवाल ने आगे कहा कि मध्यम वर्गीय वर्ग अपने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, और सुरक्षा के लिए संघर्ष करता रहता है। अगर एक मध्यम वर्गीय परिवार सालाना 10-12 लाख रुपये कमाता है, तो उसमें से आधा हिस्सा टैक्स में चला जाता है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च करने के बावजूद सरकारें उन्हें राहत देने में विफल रही हैं।

केजरीवाल ने महंगाई का जिक्र करते हुए कहा कि टैक्स के बोझ के कारण युवा मध्य वर्गीय वर्ग परिवार देश छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने आंकड़ो का का हवाला देते हुए कहा कि 2020 में 85,000 भारतीय देश छोड़कर गए थे, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 2,16,219 हो गई। यह हमारे देश के लिए एक बड़ी क्षति है। केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी मध्यम वर्ग के मुद्दों को सड़क से लेकर संसद तक उठाएगी। हमने दिल्ली में मध्यम वर्ग को राहत देने की पूरी कोशिश की और आगे भी करते रहेंगे।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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