नई दिल्ली, 10 दिसंबर: भारत की पारंपरिक रोशनी और उत्सव की संस्कृति को एक बड़ा वैश्विक सम्मान मिला है। यूनेस्को ने दीपावली को अपनी अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कर लिया है, जिससे दुनिया के सबसे बड़े त्योहारों में एक को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिल गई है।

इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताते हुए कहा कि “दीपावली सिर्फ एक त्योहार नहीं, यह हमारी सभ्यता की आत्मा है। यह प्रकाश, उम्मीद और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनंत स्रोत है।”

यूनेस्को की इस प्रतिष्ठित सूची में पहले से ही भारत की 15 सांस्कृतिक विरासतें शामिल हैं—जिनमें कुंभ मेला, दुर्गा पूजा, योग, रामलीला, नवकालेबर जैसी अनोखी जीवित परंपराएं भी शामिल हैं। अब दीपावली के जुड़ने से भारत की सांस्कृतिक पहचान और भी मजबूत होकर उभरी है।

सांस्कृतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह न सिर्फ भारतीय परंपराओं की स्वीकृति है, बल्कि दुनिया भर में फैले भारतीय समुदायों के योगदान का भी सम्मान है। दीपावली का यह नया अध्याय भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ को और भी चमका देगा।

Rajnish Pandey
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