नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में गरीब, श्रमिक और जरूरतमंद वर्ग के लिए बड़ी सौगात देते हुए आज 25 नई अटल कैंटीनों का शुभारंभ किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर गीता कॉलोनी स्थित अटल कैंटीन में अतिथियों ने भोजन भी किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि भाजपा सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में अब तक कुल 71 अटल कैंटीन खोली जा चुकी हैं, जबकि पिछली सरकार के 11 वर्षों में यह योजना फाइलों तक सीमित रही।
सरकार के अनुसार, इन 71 अटल कैंटीनों में प्रतिदिन लगभग 71 हजार थालियां परोसी जाएंगी। मात्र ₹5 में उपलब्ध इस थाली में पौष्टिक और गर्म भोजन दिया जाएगा, जिससे दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों, निर्माण श्रमिकों और अन्य मेहनतकश वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना केवल भोजन उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं, बल्कि श्रम का सम्मान है। “जो लोग दिन-रात मेहनत कर दिल्ली को आगे बढ़ाते हैं, उनके लिए सम्मानपूर्वक भोजन की व्यवस्था हमारी प्राथमिकता है,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रेरणा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राजधानी में कुल 100 अटल कैंटीन खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि दिल्ली में कोई भी जरूरतमंद भूखे पेट न सोए।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, कैबिनेट सहयोगी आशीष सूद, विधायक अनिल गोयल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सरकार का दावा है कि ‘स्पीड और स्केल’ के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारना उसकी कार्यशैली की पहचान है। अटल कैंटीन योजना को इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो राजधानी के मेहनतकश वर्ग के लिए राहत और सम्मान दोनों लेकर आई है।