नई दिल्ली।राजधानी दिल्ली में नए साल की शुरुआत कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और गंभीर वायु प्रदूषण के साथ हुई है। मौसम विभाग ने 2 से 5 जनवरी तक शीत लहर की चेतावनी जारी की है, जबकि घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम और प्रदूषण की इस दोहरी मार ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है, जिससे सुबह और रात के समय तेज ठिठुरन महसूस की जा रही है। दिन में धूप निकलने के बावजूद सर्द हवाओं के कारण ठंड का असर बना हुआ है।
घने कोहरे के कारण दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में दृश्यता बेहद कम रही। सुबह के समय कुछ इलाकों में विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर तक सिमट गई, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ। वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा, वहीं रेल और हवाई सेवाओं पर भी कोहरे का असर देखा गया।
ठंड के साथ-साथ राजधानी की वायु गुणवत्ता भी गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 370 से ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। आनंद विहार, अशोक विहार, वजीरपुर और रोहिणी जैसे इलाकों में AQI और भी अधिक रिकॉर्ड किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि कम हवा की रफ्तार और कोहरे के कारण प्रदूषण फैलने के बजाय वातावरण में ही फंसा हुआ है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों पर पड़ सकता है। डॉक्टरों ने ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह और देर शाम अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़े पहनें और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड, कोहरा और खराब वायु गुणवत्ता से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में राजधानीवासियों को सतर्क रहने और एहतियात बरतने की जरूरत है।