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नई दिल्ली, 23 नवंबर : दिल्ली के निजी स्कूलों में सामान्य वर्ग के लिए नर्सरी, केजी और कक्षा एक में बृहस्पतिवार को दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई। शिक्षा निदेशालय (डीओई) द्वारा जारी एक परिपत्र से यह जानकारी मिली। डीओई के अनुसार दाखिला फॉर्म जमा करने की आखिरी तिथि 15 दिसंबर है और दाखिले की पहली सूची 12 जनवरी को जारी होगी।

आईटीएल पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य सुधा आचार्य ने कहा कि अधिकतर दाखिले ऑनलाइन हो रहे हैं और इस संबंध में उन्होंने अभिभावकों के लिए क्यूआर कोड जोड़ा है जिससे कि वे आसानी से फॉर्म डाउनलोड कर सकें।

आचार्य ने कहा, ‘‘हमने अभी पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की है और यह अधिकतर ऑनलाइन ही हो रहा है। हमने इस साल एक नई चीज की है। अभिभावक आसानी से फॉर्म हासिल कर सकें इसके लिए हमने क्यूआर कोड बनाया है। अभिभावक इस कोड को स्कैन कर दाखिला फॉर्म हासिल कर सकते हैं। एक परिचयात्मक वीडियो भी है जिसमें अभिभावकों के लिए जानकारी दी गई है। अधिकतर अभिभावक कामकाजी होते हैं इसलिए यह उनके लिए बेहतर काम कर रहा है।’’ उन्होंने बताया कि आईटीएल पब्लिक स्कूल में नर्सरी के लिए कुल 190 सीट हैं और हर साल लगभग 2,000 अभिभावक दाखिला फॉर्म भरते हैं।

निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और वंचित समूह (डीजी) के छात्रों एवं दिव्यांग बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीट आरक्षित होती है। उनके लिए अलग से सूची जारी की जाएगी।

अधिसूचना के अनुसार, प्री-स्कूल (नर्सरी), प्री-प्राइमरी (केजी) और कक्षा एक में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र 31 मार्च तक क्रमश: तीन, चार और पांच साल होनी चाहिए।

प्री-स्कूल, प्री-प्राइमरी और कक्षा एक को प्रारंभिक स्तर की कक्षाएं कहा जाता है और इनमें दाखिले की ऊपरी उम्र सीमा क्रमश: चार साल से कम, पांच साल से कम और छह साल से कम होनी चाहिए।

अधिसूचना में कहा गया है कि ‘‘इन कक्षाओं के लिए न्यूनतम और ऊपरी आयु सीमा में स्कूल प्रमुख के स्तर पर प्रवेश के लिए आयु में 30 दिनों तक की छूट दी जा सकती है’’।

अधिसूचना के अनुसार, पहली सूची जारी होने के बाद स्कूल 13-22 जनवरी तक अभिभावकों के सवालों का जवाब दे सकते हैं।

अधिसूचना के मुताबिक, ‘‘अभिभावक सीधे लिखित आवेदन के माध्यम से आयु में छूट के लिए स्कूल प्रमुख/प्रधानाचार्य से संपर्क कर सकते हैं।’’

डीओई ने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में जिला उप निदेशक की अध्यक्षता में एक निगरानी प्रकोष्ठ का गठन किया जाना चाहिए।

अधिसूचना में कहा गया है कि अधिकारियों को ‘‘सुनिश्चित करना चाहिए कि निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूल निर्धारित समय-सीमा के अनुसार अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन मॉड्यूल के मानदंड और अपनी अंक प्रणाली के बारे में अपलोड करें तथा आगे उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल उन मानदंडों को नहीं अपनाएगा, जिन्हें विभाग द्वारा समाप्त कर दिया गया था।’’

अधिसूचना के मुताबिक, ‘‘निगरानी प्रकोष्ठ यह भी सुनिश्चित करेगा कि खुली सीट और अपनी अंक प्रणाली के तहत सभी स्कूल दाखिले के लिए आवेदन करने वाले बच्चों की जानकारी और उन्हें मिले अंक तथा दाखिल किए गए बच्चों के बारे में डीओई की वेबसाइट पर जानकारी अपलोड करेंगे।’’

स्कूलों को 20 नवंबर तक अपनी दाखिला प्रक्रिया और अंक के बारे में जानकारी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी।

समान अंक वाले कई दावेदार होने की स्थिति में या तो कम्यूटर के जरिए अथवा पर्ची के माध्यम से अभिभावकों की मौजूदगी में ड्रॉ निकाला जाना चाहिए। ड्रॉ की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होनी चाहिए और फुटेज स्कूल के पास मौजूद होना चाहिए।

अधिसूचना में कहा गया है कि प्रवेश पत्र के साथ विवरण पुस्तिका खरीदना अनिवार्य नहीं है और माता-पिता से पंजीकरण शुल्क के रूप में केवल 25 रुपये लिए जा सकते हैं।

पिछले साल प्रवेश प्रक्रिया एक दिसंबर से शुरू हुई थी।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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