नई दिल्ली, 21 जून: कांग्रेस की दिल्ली इकाई के कार्यकर्ताओं ने ‘राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी), 2024’ की परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर शुक्रवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यालय के निकट विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अंतरिम अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने किया।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए देवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से देशवासी भाजपा की भ्रष्ट मोदी सरकार को झेल रहे है और 2014 से हुई परीक्षाओं में अधिकतर में पेपर लीक और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, आज युवा भाजपा की दोहरी नीति का शिकार हो रहा है। एक तरफ सरकार रोजगार खत्म कर रही है दूसरी तरफ परीक्षाओं के पेपर लीक से युवाओं का भविष्य अंधकार में धंसता जा रहा है। कांग्रेस पार्टी अपने दायित्व को निभाते हुए गूंगी बहरी सरकार के खिलाफ आवाज उठाकर पीड़ित युवाओं को न्याय दिलाने के लिए हमेशा अग्रसर रहेगी। देवेन्द्र यादव ने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी भ्रष्ट मोदी सरकार के खिलाफ युवाओं, महिलाओं, मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए पिछले 10 वर्षों से संघर्ष कर रहे है और हमने अपने घोषणा पत्र न्याय पत्र में पेपर लीक के विरुद्ध सख्त कानून बनाकर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की गारंटी भी दी थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता उनसे प्रेरणा लेते तब संघर्ष करेगा जब तक इस भ्रष्ट सरकार को उखाड़ नही फैंकेगा। हमें अगले पांच वर्षों तक चैन से नही बैठना है।

श्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार जिसने व्यापम घोटाले को अंजाम दिया जिसमें 40-50 लोगों की जान भी गई थी, उसकी जांच अभी तक किसी अंजाम तक नही पहुंची है। उन्होंने कहा कि भाजपा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को अपनी प्रयोगशाला बताती है और अब पूरे देश के राज्यों को भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बनाने में लगी है। उन्होंने कहा कि जब यूजीसी-नेट, नीट परीक्षा का पेपर लीक का भ्रष्टाचार सामने आ गया है, आरोपी सामने है, बयान कबूल लिए गए है, तब केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान परीक्षा रद्द करने का फैसला लेने की जगह खाना पूर्ति करने की कोशिश कर रहे है, जो युवा परीक्षार्थियों के साथ बड़ा धोखा है। उन्होंने कहा कि कहा कि जब पेपर लीक को लेकर यूजीसी-नेट की परीक्षा रद्द कर दी है तब केन्द्र सरकार छात्रों के हित में नीट की परीक्षा को रद्द करने में देरी क्यों कर रही है। हमारी मांग है कि 24 लाख छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखते हुए नीट-यूजी की परीक्षा तुरंत रद्द होनी चाहिए। उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की कि शिक्षा मंत्री नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को तुरंत प्रभाव से भंग करे।

बता दें कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-स्नातक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा गत पांच मई को आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 24 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया था। नीट के नतीजे चार जून को घोषित किए गए। बिहार और कुछ अन्य राज्यों में प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा में अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। आरोपों के कारण कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए और कई उच्च न्यायालयों के साथ-साथ उच्चतम न्यायालय में भी याचिकाएं दायर की गई हैं।

Rajnish Pandey
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