यूपी चुनाव से पहले बड़ा ऐलान: मायावती बोलीं—बसपा अकेले लड़ेगी, गठबंधन से दूरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी इस बार किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। बसपा प्रदेश में अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी और पूर्ण बहुमत हासिल करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी। लखनऊ से जारी आधिकारिक प्रेस बयान में मायावती ने कहा कि पिछले चुनावी अनुभवों से यह स्पष्ट हुआ है कि गठबंधन से पार्टी को अपेक्षित लाभ नहीं मिला, बल्कि कई बार संगठनात्मक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा, “बसपा का जनाधार मजबूत है और पार्टी अपने दम पर सत्ता में आने की क्षमता रखती है। इसलिए इस बार किसी भी तरह के गठबंधन से दूर रहकर अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया है।” बसपा सुप्रीमो ने कहा कि गठबंधन की राजनीति में पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक ताकत प्रभावित होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर बहुजन समाज की आवाज को मजबूती दें, ताकि पार्टी पूर्ण बहुमत के लक्ष्य को हासिल कर सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बसपा का यह फैसला प्रदेश की चुनावी रणनीति को नया मोड़ दे सकता है। अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा से अन्य दलों की रणनीतियों पर भी असर पड़ने की संभावना है। मायावती ने अपने बयान में यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से उनके और पार्टी को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं फर्जी दावे फैलाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के मैसेज और पोस्ट पूरी तरह गलत हैं और पार्टी का उनसे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों और फर्जी खबरों से सतर्क रहें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। मायावती ने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से तैयार की गई फर्जी बयानबाजी को पार्टी गंभीरता से ले रही है और ऐसे मामलों की निगरानी की जा रही है। बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक एकता पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे गांव-गांव और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें तथा पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। आगामी चुनावों के मद्देनजर बसपा का यह ऐलान प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति बसपा को कितना राजनीतिक लाभ पहुंचाती है।
महाराष्ट्र में मुस्लिमों का 5% SEBC आरक्षण समाप्त, देवेंद्र फडणवीस सरकार का नया जीआर जारी
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक और नीतिगत निर्णय लेते हुए शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में मुस्लिम समुदाय को दिए जा रहे 5 प्रतिशत आरक्षण को समाप्त कर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार ने इस संबंध में नया सरकारी आदेश (जीआर) जारी कर निर्णय को औपचारिक रूप दे दिया है। इसके साथ ही सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग (SEBC) श्रेणी के अंतर्गत मुस्लिम समुदाय को मिलने वाले लाभ अब प्रभावी नहीं रहेंगे। कानूनी और प्रक्रियात्मक आधार पर लिया गया निर्णय सरकारी सूत्रों के अनुसार यह कदम कानूनी एवं प्रक्रियात्मक कारणों से उठाया गया है। वर्ष 2014 में जारी अध्यादेश के माध्यम से मुस्लिम समुदाय के कुछ सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को आरक्षण प्रदान किया गया था। हालांकि बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकारी नौकरियों में इस आरक्षण पर अंतरिम रोक लगा दी थी। अधिकारियों ने बताया कि उक्त अध्यादेश को निर्धारित समय सीमा के भीतर विधेयक के रूप में पारित नहीं कराया जा सका, जिसके कारण वह स्वतः निरस्त हो गया। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने अब नया आदेश जारी कर पूर्व व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया है। SEBC ढांचे में बनाई गई थी SBC-A श्रेणी पूर्व व्यवस्था के तहत राज्य सरकार ने SEBC ढांचे के अंतर्गत “स्पेशल बैकवर्ड कैटेगरी-ए (SBC-A)” का गठन किया था। इस श्रेणी के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े मुस्लिम वर्गों को सरकारी एवं अर्धसरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती तथा शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के दौरान 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता था। नए आदेश के बाद इस श्रेणी के अंतर्गत मिलने वाले सभी लाभ तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गए हैं। प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया भी रुकी सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मुस्लिम आवेदकों को SEBC श्रेणी के अंतर्गत जारी किए जाने वाले जाति प्रमाणपत्र और वैधता प्रमाणपत्र की प्रक्रिया भी रोक दी गई है। संबंधित विभागों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मोदी का कूटनीतिक दांव: बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत आने का न्योता
नई दिल्ली/ढाका। दक्षिण एशिया की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तहत प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बांग्लादेश के नवनियुक्त प्रधानमंत्री Tarique Rahman और उनके परिवार को भारत की आधिकारिक यात्रा के लिए आमंत्रित किया है। यह निमंत्रण दोनों देशों के बीच पारंपरिक मित्रता और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत और बांग्लादेश के संबंध साझा इतिहास, सांस्कृतिक जुड़ाव और जन-से-जन संपर्क पर आधारित हैं। उन्होंने आपसी सहमति से तय समय पर भारत आने का न्योता देते हुए द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। मंगलवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वे बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता हैं और उनके नेतृत्व में नई सरकार का गठन हुआ है। शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने प्रतिनिधित्व किया। उनकी उपस्थिति को दोनों देशों के मजबूत राजनयिक संबंधों का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निमंत्रण भारत-बांग्लादेश संबंधों में निरंतरता और स्थिरता का संदेश देता है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। नई सरकार के गठन के बाद यह पहला बड़ा राजनयिक संकेत है, जिससे संकेत मिलता है कि दोनों देश क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं।
तीन बच्चे, घर वापसी और UGC पर खुलकर बोले मोहन भागवत: “कानून सबको मानना चाहिए, जाति विवाद का कारण न बने”
लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जनसंख्या संतुलन, घर वापसी, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों और सामाजिक समरसता जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार रखे। उनके संबोधन में समाज की संरचना, कानून के पालन और सांस्कृतिक पहचान जैसे विषय प्रमुख रहे। “तीन बच्चे औसत न हों तो समाज संकट में” अपने वक्तव्य में भागवत ने जनसंख्या के मुद्दे पर वैज्ञानिकों का हवाला देते हुए कहा कि जिस समाज में औसतन तीन बच्चे नहीं होते, वह समाज भविष्य में कमजोर या समाप्त हो सकता है। उन्होंने इसे केवल संख्या का सवाल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक निरंतरता से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने संकेत दिया कि समाज को अपनी जनसंख्या संरचना पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए संतुलित और सशक्त सामाजिक ढांचा तैयार किया जा सके। “घर वापसी का काम तेज होना चाहिए” धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक जुड़ाव के विषय पर बोलते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि “घर वापसी का काम तेज होना चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग हिंदू धर्म में लौटे हैं, उनका ध्यान रखना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी आवश्यक है। उनके अनुसार, यह केवल धार्मिक परिवर्तन का प्रश्न नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्स्थापन और सामाजिक समरसता का प्रयास है। UGC नियमों पर क्या बोले? विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े विवादों पर भागवत ने स्पष्ट कहा कि “यूजीसी नियम किसी के खिलाफ नहीं है।” उन्होंने कानून के पालन पर जोर देते हुए कहा, “कानून सभी को मानना चाहिए। यदि कानून में कोई कमी है, तो उसे बदलने का लोकतांत्रिक तरीका मौजूद है।” इस बयान को शिक्षा जगत में चल रही बहसों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां विभिन्न पक्ष UGC के नए नियमों को लेकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। अपने संबोधन के अंत में भागवत ने सामाजिक एकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जातियां समाज की विविधता का हिस्सा हैं, लेकिन वे झगड़े और विभाजन का कारण नहीं बननी चाहिए। उनके अनुसार, समाज की मजबूती आपसी सहयोग और समरसता से आती है, न कि टकराव से।
इमरान खान की सेहत पर वैश्विक चिंता: 14 पूर्व कप्तानों ने पीएम शहबाज शरीफ को लिखा पत्र, पाक सरकार पर लीपापोती के आरोप
इस्लामाबाद/लंदन। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और विश्व कप विजेता कप्तान Imran Khan की सेहत को लेकर उठ रही चिंताओं ने अब अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले लिया है। भारत के दिग्गज क्रिकेटरों Kapil Dev और Sunil Gavaskar द्वारा इमरान खान की आंखों और स्वास्थ्य को लेकर दिए गए बयानों के बाद पाकिस्तान सरकार की ओर से फिर सफाई सामने आई है। पाकिस्तान के गृह मंत्री ने हालिया बयान में कहा कि इमरान खान की सेहत को लेकर “चिंता की कोई गंभीर बात नहीं है।” हालांकि विपक्ष और क्रिकेट जगत इसे सरकार की “लीपापोती” करार दे रहा है। इससे पहले भी जब पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज Wasim Akram और Waqar Younis ने इमरान खान की तबीयत पर चिंता जताई थी, तब पाकिस्तान के कानून मंत्री ने भी इसी तरह का बयान दिया था। बेटों ने जताई नाराजगी इमरान खान के बेटे कासिम और सुलेमान ने लंदन में अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी से बातचीत में खुलासा किया कि वे पिछले एक वर्ष से पाकिस्तान जाने के लिए वीजा मांग रहे हैं, लेकिन अब तक अनुमति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई बातचीत में इमरान खान अपनी सेहत को लेकर चिंतित नजर आए, जबकि वे आमतौर पर अपने स्वास्थ्य की परवाह नहीं करते थे। यह बयान ऐसे समय आया है जब इमरान खान की सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं और पाकिस्तान सरकार की किरकिरी हो रही है। क्रिकेट जगत का बड़ा हस्तक्षेप इमरान खान के समर्थन में क्रिकेट जगत के 14 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif को पत्र लिखकर उनकी सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। पत्र लिखने वालों में इंग्लैंड के Michael Atherton, ऑस्ट्रेलिया के Allan Border, Michael Brearley, Greg Chappell, Ian Chappell, Belinda Clark, David Gower, Kim Hughes, Nasser Hussain, वेस्टइंडीज के Clive Lloyd, भारत के Kapil Dev और Sunil Gavaskar, ऑस्ट्रेलिया के Steve Waugh तथा न्यूजीलैंड के John Wright शामिल हैं। इन दिग्गजों ने अपने पत्र में इमरान खान को क्रिकेट जगत की अमूल्य विरासत बताते हुए उनकी सेहत और मानवाधिकारों की रक्षा की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इमरान खान की सेहत का मुद्दा अब केवल पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय छवि से भी जुड़ गया है। क्रिकेट जगत की एकजुटता ने पाकिस्तान सरकार पर नैतिक दबाव बढ़ा दिया है। जहां एक ओर सरकार बार-बार स्थिति सामान्य बताने की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्ष और समर्थक इसे “सच्चाई छिपाने का प्रयास” बता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा पाकिस्तान की राजनीति और कूटनीति दोनों पर असर डाल सकता है।
Emmanuel Macron का चौथा भारत दौरा: एआई इम्पैक्ट समिट में शिरकत, मुंबई में पहली आधिकारिक यात्रा
नई दिल्ली/मुंबई। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron का भारत दौरा इस बार कई मायनों में खास माना जा रहा है। यह यात्रा प्रधानमंत्री Narendra Modi के आमंत्रण पर भारत द्वारा आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए हो रही है। राष्ट्रपति मैक्रों का यह भारत का चौथा दौरा है, जबकि मुंबई में यह उनका पहला आधिकारिक दौरा है। एआई और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में भारत की बढ़ती भूमिका के बीच यह शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। ऐसे में फ्रांस के राष्ट्रपति की भागीदारी को भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। पहले भी कई अहम मौकों पर आए मैक्रों राष्ट्रपति मैक्रों इससे पहले मार्च 2018 में पहली बार भारत आए थे। उस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण समझौते हुए थे। इसके बाद वे सितंबर 2023 में भारत की अध्यक्षता में आयोजित G20 Summit में शामिल हुए थे, जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। जनवरी 2024 में मैक्रों ने एक बार फिर भारत का दौरा किया था और Republic Day समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की थी। इस अवसर पर भारत-फ्रांस संबंधों की गहराई और रणनीतिक महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया गया था। इस बार का दौरा खास तौर पर एआई इम्पैक्ट समिट के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। माना जा रहा है कि भारत और फ्रांस के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल सुरक्षा, डेटा गवर्नेंस और स्टार्टअप इकोसिस्टम में सहयोग को लेकर नई घोषणाएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत-फ्रांस साझेदारी अब पारंपरिक रक्षा सहयोग से आगे बढ़कर तकनीकी और नवाचार आधारित सहयोग की ओर तेजी से अग्रसर है। मुंबई में राष्ट्रपति मैक्रों की मौजूदगी से व्यापार और निवेश संबंधों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। इस दौरे को दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास, साझा वैश्विक दृष्टिकोण और भविष्य की तकनीकों में साझेदारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
मोहन गार्डन में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे: VASU द्वारा 5वें रुद्राभिषेक का भव्य आयोजन
नई दिल्ली। फाल्गुनी महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर वैदिक आध्यात्मिक संस्कृति उत्थान (VASU) के तत्वावधान में सत साहेब गार्डन, मोहन गार्डन में 5वें रुद्राभिषेक का भव्य एवं दिव्य आयोजन 15 फरवरी (रविवार) को संपन्न हुआ। धार्मिक आस्था और वैदिक परंपरा से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया। वातावरण ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। रुद्राभिषेक वैदिक विधि-विधान के अनुसार वाराणसी से पधारे आचार्य पंडित ऋषिकेश तिवारी जी एवं श्री सुरेश त्रिपाठी जी द्वारा संपन्न कराया गया। इस दौरान VASU संस्था के संस्थापक पंडित धनंजय तिवारी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। मंत्रोच्चारण, शंखध्वनि और वैदिक अनुष्ठान के बीच भगवान शिव का अभिषेक श्रद्धा एवं आस्था के साथ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बाबा पंडित नंदकिशोर मिश्रा जी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारत हिंदू महासभा), राही संस्था के संस्थापक डॉ. उमाकांत शर्मा जी एवं भगवान शर्मा जी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. पवन आर्य जी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और आयोजन की सराहना की। अतिथियों ने अपने संबोधन में भारतीय वैदिक संस्कृति के संरक्षण और प्रसार के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया। रुद्राभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने देश, समाज और विश्व शांति की कामना करते हुए भगवान शिव से सुख-समृद्धि एवं कल्याण का आशीर्वाद मांगा। कार्यक्रम में भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया। इस सफल आयोजन में VASU के पदाधिकारियों और सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। विशेष रूप से आशीष रंजन, हृदेश वर्मा, वासुदेव तिवारी, राकेश पांडेय, कमलेश सिंह, एम.पी. त्रिपाठी, गोपाल जायसवाल, अमित पांडेय, प्रशंजित जी, दीपक मिश्रा, राजेंद्र गिरी, सतनदेव जी, प्रभुनाथ महतो एवं विभेष जी का योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का संकल्प दोहराया।
NCP में बड़ा फेरबदल: सुनेत्रा पवार बनीं राष्ट्रीय अध्यक्ष, विलय पर फैसला टला
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों धड़ों—शरद पवार गुट और अजित पवार गुट—के संभावित विलय को लेकर चल रही अटकलों के बीच पार्टी की अहम बैठक में विलय पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। हालांकि बैठक में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए सुनेत्रा पवार को पार्टी की कमान सौंपने का रास्ता साफ कर दिया गया। बैठक महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में हुई, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने भाग लिया। सूत्रों के अनुसार, बैठक में विलय के मुद्दे पर चर्चा तक नहीं हुई, बल्कि पूरा फोकस संगठन को मजबूत करने और नेतृत्व के पुनर्गठन पर रहा। अजित पवार के निधन के बाद बड़ा निर्णय बारामती विमान हादसे में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद से पार्टी में नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। इसी पृष्ठभूमि में सुनेत्रा पवार को पहले महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब उन्हें पार्टी का सर्वोच्च पद देने का निर्णय लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा। बैठक में मौजूद सभी विधायकों ने हाथ उठाकर उनके नाम का समर्थन किया। इसे पार्टी में सर्वसम्मति का संकेत माना जा रहा है। 26 फरवरी को लगेगी आधिकारिक मुहर विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, 26 फरवरी को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सुनेत्रा पवार के नाम पर औपचारिक मुहर लगा दी जाएगी। इसके बाद वे आधिकारिक रूप से पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगी। विलय पर चुप्पी, नेताओं को निर्देश पार्टी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल शरद पवार गुट के साथ विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। विधायकों और पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे मीडिया के सामने विलय को लेकर कोई बयान न दें। इससे साफ है कि पार्टी फिलहाल संगठनात्मक स्थिरता और नेतृत्व को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सुनेत्रा पवार के सामने अब सरकार और संगठन—दोनों को संतुलित तरीके से संभालने की चुनौती होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला पार्टी को एकजुट रखने और नेतृत्व में स्पष्टता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Salman Khan के पिता Salim Khan की तबीयत बिगड़ी, मुंबई के Lilavati Hospital में भर्ती
मुंबई। बॉलीवुड के ‘भाईजान’ कहे जाने वाले अभिनेता सलमान खान इन दिनों अपनी किसी फिल्म को लेकर नहीं, बल्कि पारिवारिक चिंता के कारण सुर्खियों में हैं। उनके पिता और हिंदी सिनेमा के दिग्गज लेखक सलीम खान की अचानक तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। 90 वर्षीय सलीम खान को मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसके बाद से फिल्म इंडस्ट्री और प्रशंसकों के बीच चिंता का माहौल है। सूत्रों के अनुसार, सलीम खान की तबीयत अचानक खराब होने पर उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनकी सेहत को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस बीच सलमान खान को सुबह अस्पताल परिसर के बाहर देखा गया। कड़ी सुरक्षा के बीच अभिनेता अपने पिता से मिलने पहुंचे। मीडिया के मौजूद रहने के बावजूद उन्होंने किसी तरह की टिप्पणी करने से परहेज किया। सोशल मीडिया पर जैसे ही सलमान खान का अस्पताल के बाहर से वीडियो सामने आया, उनके प्रशंसकों ने सलीम खान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना शुरू कर दी। सलीम खान हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे प्रतिष्ठित लेखकों में गिने जाते हैं। उन्होंने कई यादगार फिल्मों की पटकथा लिखकर सिनेमा जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। उम्र के इस पड़ाव पर उनकी सेहत को लेकर स्वाभाविक रूप से परिवार और प्रशंसक चिंतित हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनकी तबीयत किस कारण से बिगड़ी या यह उम्र से जुड़ी किसी स्वास्थ्य समस्या का परिणाम है। परिवार की ओर से भी फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। सलमान खान के अलावा अन्य परिवारजन अस्पताल में सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। फिलहाल सभी की निगाहें अस्पताल से आने वाली अगली स्वास्थ्य अपडेट पर टिकी हैं। देशभर में फैन्स और फिल्म जगत से जुड़े लोग सलीम खान के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।
वृंदावन में आध्यात्मिक सवेरा: विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने प्रेमानंद महाराज से की एकांत वार्ता
वृंदावन (मथुरा)। भक्ति और आध्यात्मिकता की नगरी वृंदावन में उस समय विशेष हलचल देखने को मिली, जब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा सोमवार तड़के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन और एकांतिक वार्ता के लिए पहुंचे। सुबह लगभग 5:30 बजे दोनों दंपति मथुरा के वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचे। आश्रम में उनका आगमन अत्यंत सादगीपूर्ण रहा। सूत्रों के अनुसार, विराट और अनुष्का ने करीब एक घंटे तक आश्रम में समय बिताया, जहां उन्होंने प्रेमानंद महाराज जी से आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा की और आशीर्वाद प्राप्त किया। बताया जाता है कि यह मुलाकात पूर्णतः निजी और आध्यात्मिक उद्देश्य से थी। दोनों ही लंबे समय से आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि रखते हैं और समय-समय पर विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन करते रहे हैं। वृंदावन की शांत व पावन वातावरण में उन्होंने भक्ति और ध्यान के क्षण बिताए। हालांकि यात्रा को गोपनीय रखने का प्रयास किया गया था, लेकिन जैसे ही उनके आगमन की सूचना फैली, आश्रम के बाहर प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी। दर्शन के उपरांत जब वे आश्रम से बाहर निकले, तो उनकी गाड़ी केली कुंज आश्रम के बाहर लगे जाम में कुछ देर के लिए फंस गई। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रशंसक अपने चहेते क्रिकेटर और अभिनेत्री की एक झलक पाने के लिए उत्साहित दिखाई दिए। सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों ने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए यातायात को सुचारू कराया।