जयपुर।जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में एक हफ्ते पहले हुई हिंसक घटना के बाद अब राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर हुए विवाद ने जिस तरह झड़प और पथराव का रूप लिया था, उसके बाद आज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिंसा में शामिल आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, नगर परिषद और पुलिस की संयुक्त टीम ने सुबह से ही कार्रवाई शुरू की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चिन्हित किए गए अवैध निर्माणों को हटाया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत की जा रही है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या था चौमूं हिंसा का मामला
बीते सप्ताह चौमूं में मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों ओर से पथराव हुआ, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे।
सरकार का सख्त संदेश
जिला प्रशासन का कहना है कि हिंसा फैलाने वालों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई उसी कड़ी का हिस्सा है। प्रशासन ने साफ कहा है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
कार्रवाई के दौरान चौमूं और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक, हिंसा में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी जांच चल रही है। यदि कहीं और अवैध निर्माण पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
चौमूं हिंसा के बाद प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई को कानून व्यवस्था बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के तौर पर देखा जा रहा है।