नई दिल्ली, 21 नवंबर: अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी और उनके कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर अमेरिकी निवेशकों और वैश्विक वित्तीय संस्थानों से ‘झूठे और भ्रामक’ तथ्यों के आधार पर धन जुटाने की अरबों डॉलर की योजना में उनकी कथित भूमिका को लेकर अमेरिका की एक अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किए गए हैं। अमेरिका के संघीय अभियोजन कार्यालय के न्यूयार्क के पूर्वी जिले के संबंधित अभियोजक द्वारा ब्रुकलिन की एक संघीय अदालत में कथित रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी की के पांच बिंदुओं को लेकर आपराधिक धाराओं में अभियोग-पत्र पढ़े गए।

इस बीच, गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में बीएसई पर 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई। अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर बीएसई पर 20 प्रतिशत गिरकर गुरुवार को पूर्वाह्न मे 2256.20 रुपये प्रति शेयर तक आ गया था।

ब्रुकलिन की अदालत में दाखिल आरोपत्र के अनुसार 2020 और 2024 के बीच, प्रतिवादियों ने भारत में सरकार के साथ आकर्षक सौर ऊर्जा आपूर्ति अनुबंध प्राप्त करने के लिए सरकारी अधिकारियों को 25 करोड़ डालर से अधिक की रिश्वत देने को तैयार हुई थी। कंपनी को इससे लगभग 20 साल की अवधि में कर के बाद दो अरब डालर से अधिक के लाभ होने का अनुमान था।

अडानी समूह के खिलाफ दाखिल आरोपों में कहा गया है कि इस भारतीय कंपनी ने रिश्वत की अपनी योजना के प्रति अमेरिकी निवेशकों को अंधेरे में रख कर, बैंकों और निवेशकों से झूठ बोल कर अरबों डॉलर जुटाए जो अमेरिका के कानूनों का उल्लंघन है।

न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी कार्यालय की ओर से जारी मीडिया विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘कई मौकों पर, गौतम एस. अडानी ने रिश्वत योजना को आगे बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत रूप से एक भारतीय सरकारी अधिकारी से मुलाकात की और प्रतिवादियों ने इसके निष्पादन के पहलुओं पर चर्चा करने के लिए एक-दूसरे के साथ व्यक्तिगत बैठकें कीं। प्रतिवादियों ने रिश्वत योजना को आगे बढ़ाने के अपने प्रयासों पर अक्सर चर्चा की, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक मैसेजिंग एप्लिकेशन के माध्यम से भी शामिल था।’

न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के अटॉर्नी, ब्रियोन पीस ने कहा, ‘जैसा कि आरोप लगाया गया है, प्रतिवादियों ने अरबों डॉलर के अनुबंध हासिल करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की एक विस्तृत योजना बनाई और गौतम एस. अडानी, सागर आर. अडानी और विनीत एस. जैन ने रिश्वतखोरी की योजना के बारे में झूठ बोला क्योंकि वे अमेरिकी और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों से पूंजी जुटाने की कोशिश कर रहे थे।’

अभियोग पत्र पढ़े जाने के बाद उन्होंने कहा, ‘ये अपराध कथित तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों और निदेशकों द्वारा अमेरिकी निवेशकों की कीमत पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के माध्यम से बड़े पैमाने पर राज्य ऊर्जा आपूर्ति अनुबंध प्राप्त करने और वित्तपोषित करने के लिए किए गए थे। अमेरिका का आपराधिक जांच प्रभाग, चाहे दुनिया में कहीं भी हो, भ्रष्ट, भ्रामक और अवरोधक आचरण पर आक्रामक रूप से मुकदमा चलाना जारी रखेगा।’

अभियाग में गौतम अडानी, सागर अडानी और अडानी समूह के अन्य अधिकारियों पर “झूठे और भ्रामक” बयानों के आधार पर धन प्राप्त करने के लिए अरबों डॉलर की योजना में उनकी भूमिका के लिए ‘प्रतिभूतियों और इलेक्ट्रानिक संदेश के माध्यम से धोखाधड़ी करने की साजिश’ और ‘महत्वपूर्ण प्रतिभूति धोखाधड़ी’ करने का आरोप लगाया गया है। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने व्यावसायिक समूह के मामलों की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा जांच की अपनी मांग दोहराई है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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