यदि ऐसा नहीं तो आम जनता एंटीबायोटिक के बजाय हर्ब्स को पहल क्यों नहीं देती

प्रसिद्ध व्यक्ति यदि कोल्ड ड्रिंक गुटका खाएगा तो हम भी खाएंगे अब उसके हर्बल प्रेम को भी अपनाओ

विदेशी फार्मा कंपनियों में हाहाकार मचा लाबिंग शुरू की

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्मा भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया कि प्रसिद्ध क्रिकेटर और नेता ने जब से यह बताया है कि उनकी पत्नी का 4th स्टेज का कैंसर सिर्फ हल्दी और नीम से ठीक हो गया बिना किसी एंटीबायोटिक के तब से विदेशी फार्मा कंपनियों में हाहाकार मच गया है।

क्योंकि उनकी दुकान बहुत जल्द बंद होने जा रही है छोटे-छोटे रोगों के लिए भारी भरकम एंटीबायोटिक बेचने वालिया कंपनियां अब किसी न किसी तरीके उसे नेता को झूठा साबित करने के लिए कोशिश कर रही है। अब सोचने वाली बात यह है कि क्या हल्दी सिर्फ नेता लोगों के ही भयंकर रोग ठीक करती है यदि ऐसा नहीं तो आम जनता एंटीबायोटिक के बजाय हर्ब्स को पहल क्यों नहीं देती। प्रसिद्ध व्यक्ति यदि कोल्ड ड्रिंक गुटका खाएगा तो हम भी खाएंगे पर अब जब उसने यह कहा है कि सिर्फ हल्दी और नीम के पत्तों से उनकी पत्नी का फोर्थ स्टेज का कैंसर ठीक हो गया तो फिर उसको भी मानना चाहिए छोटे-मोटे रोगों के लिए भारी भरकम एंटीबायोटिक खाने से बचना चाहिए बहुत ज्यादा जरूरत हो तभी एंटीबायोटिक का प्रयोग करें।

परंतु हमारे देश में तो छोटे-छोटे बच्चों को ही सर्दी जुकाम में ही भारी भरकम एंटीबायोटिक दे दिए जाते हैं। धीरे-धीरे उनका शरीर में एंटीबायोटिक का अभ्यस्त हो जाता है जब बड़े होते हैं तब इन एंटीबायोटिक का उन पर असर ही नहीं होताअगर विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों की बात करें तो 2019 में एंटी माइक्रोबियल रेजिस्टेंस के कारण लगभग 1.27 मिलियन लोगों की मौत हुई हैं। यह आंकड़े चौंका देने वाले हैं। वैसे तो हर बीमारी के इलाज के लिए एंटी माइक्रोबियल दवाइयों का प्रयोग किया जाता है।एंटीबायोटिक्स का ज़्यादा सेवन करने से बैक्टीरिया इनके प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं. इसे एंटीबायोटिक प्रतिरोध कहते हैं.

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