कोलकाता/नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता के आनंदपुर इलाके में स्थित एक मोमो फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। शाह ने इस हादसे को महज दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे “भ्रष्टाचार और लापरवाही का नतीजा” बताया। उन्होंने सीधे सवाल किया— “आखिर उस मोमो फैक्ट्री में किसका पैसा लगा है, जिसे बचाने की कोशिश की जा रही है?”
हादसे की सच्चाई छिपा रही है सरकार
अमित शाह ने आरोप लगाया कि इस अग्निकांड में 25 लोगों की मौत हुई, जबकि 27 लोग अब भी लापता हैं, लेकिन राज्य सरकार सच्चे आंकड़े सामने लाने से बच रही है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद प्रशासन की भूमिका संदेह के घेरे में है और पीड़ित परिवारों को अब तक न्याय नहीं मिला है।
बिना अनुमति चल रही थी फैक्ट्री?
गृह मंत्री ने सवाल उठाया कि रिहायशी इलाके में इतनी बड़ी फैक्ट्री कैसे चल रही थी।
- क्या फैक्ट्री के पास फायर सेफ्टी की अनुमति थी?
- क्या स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं थी?
- या फिर सब कुछ जानते हुए आंखें मूंद ली गईं?
शाह ने दावा किया कि अगर निष्पक्ष जांच हो, तो यह साफ हो जाएगा कि स्थानीय प्रशासन से लेकर ऊपर तक संरक्षण दिया गया था।
“रावण का भी अहंकार टूटा था”
अपने भाषण में अमित शाह ने राजनीतिक हमला तेज करते हुए कहा,“इतिहास गवाह है कि रावण का भी अहंकार टूटा था। जो सरकारें खुद को कानून से ऊपर समझती हैं, उनका भी वही हश्र होता है।”
उन्होंने कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, और आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है।
भाजपा ने इस मामले में
- न्यायिक जांच,
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई,
- और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवज़ा देने की मांग की है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाया जाएगा।
कोलकाता अग्निकांड को लेकर बंगाल की राजनीति गरमा गई है। एक ओर भाजपा इसे भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस सरकार सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रही है। आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की सियासत में और बड़ा तूफान खड़ा कर सकता है।