नई दिल्ली, 18 जनवरी: कांग्रेस ने नई दिल्ली में कोटला रोड पर अपने पार्टी मुख्यालय (इंदिरा भवन) के उद्घाटन के कुछ दिनों बाद शनिवार को नए भवन में अपनी पहली प्रेस वार्ता आयोजित की। इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं जयराम रमेश, पवन खेड़ा और अजय माकन ने युवाओं और साथी नागरिकों के सपनों को आकार देने में पार्टी की प्रतिबद्धता और संकल्प को दोहराया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के इतिहास और विरासत पर भी प्रकाश डाला।

कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय माकन ने बताया कि इंदिरा भवन एक पांच मंजिला इमारत है, जो कुल 2,100 वर्ग मीटर में है। इसका निर्माण 200-225 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया गया है। इस भवन में 276 सीट का अपना एक ऑडिटोरियम है, बहुत सारे मीटिंग रूम्स हैं और कॉन्फ्रेंस हाल हैं। कांग्रेस के हर फ्रंटल ऑर्गेनाइजेशन और सेल के पदाधिकारियों की बैठने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसमें 134 पेड़, 8675 पौधे और 264 कलाकृतियां एवं चित्र हैं। कैफेटेरिया में नंदलाल बोस जी की पेंटिंग्स हैं, जो गांधी जी के निवेदन पर 1938 में ‘हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन’ में बनाई गई थीं। गांधी जी ने इस अधिवेशन की परिकल्पना भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक के रूप में की थी, जो स्वतंत्रता संग्राम की भावना को प्रतिबिंबित करता था।

माकन ने कहा कि उन्होंने कला को कांग्रेस के राजनीतिक और सामाजिक विमर्श में समाहित करने का प्रयास किया और यही कोशिश हम लोग इस इंदिरा भवन के माध्यम से कर रहे हैं। इंदिरा भवन की हर मंजिल कांग्रेस के एक युग के इतिहास को दर्शाती है। यह इतिहास भारत की आजादी का भी एक गौरवमयी इतिहास है। इस भवन की अनूठी विशेषता सेंट्रल एट्रियम है, जो भवन में खुलेपन और जुड़ाव का एहसास देता है। दूसरी विशेषता इसके स्थायी डिजाइन तत्व हैं। जैसे सोलर पैनल और एनर्जी एफिशिएंट प्रणालियां, जो भवन को पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार और लंबे समय के लिए किफायती बनाते हैं। तीसरी विशेषता सार्वजनिक सहभागिता के स्थान हैं। जैसे- कमेटी और कॉन्फ्रेंस रूम- जो समुदाय की सहभागिता, संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मंच प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का नया भवन महज इमारत नहीं, आजादी की एक गौरवशाली विरासत है। यह इंदिरा भवन की बुनियाद में एक वैचारिक आंदोलन है, तो इसके शिखर पर संविधान की रक्षा का संकल्प भी है। आपको इंदिरा भवन की रगों में सीढ़ी-दर-सीढ़ी महात्मा गांधी जी के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ से लेकर राहुल गांधी जी के ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ की गूंज दौड़ती नजर आएगी। इंदिरा भवन उन लाखों कार्यकर्ताओं के अनुदान से बना है, जो इस बात में आस्था रखते हैं कि कांग्रेस का अर्थ- सर्वहारा वर्ग के उत्थान का संघर्ष, भारत के सद्भाव की रक्षा और समावेशी विकास में आस्था है। कांग्रेस संविधान के 5 मूल्यों- लोकतंत्र, राष्ट्र्वाद, धर्मनिरपेक्षता, समावेशी विकास और न्याय- को भवन के रिसेप्शन में दर्शाया गया है।

एक सवाल के जवाब में अजय माकन ने कहा कि 2013 में दिल्ली विधानसभा चुनावों के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार को कांग्रेस की ओर से समर्थन देना गलत फैसला था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है और उसे भविष्य में किसी दल से समझौता नहीं करना चाहिए। इस बारे में उन्होंने हरियाणा और दिल्ली विधानसभा चुनावों का हवाला भी दिया।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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