नई दिल्ली, 09 जून: गुजरात के गेमिंग जोन में आग लगने और कई लोगों की मौत की घटना से सीख नहीं ली जा रही है। ताजा मामला राजधानी के कनॉट प्लेस का है। यहां स्थित गेमिंग जोन में रविवार दोपहर को एसी में शार्ट सर्किट होने से आग लग गई। आग लगते ही गेमिंग जोन में मौजूद छह बच्चों को कर्मचारियों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दमकल की सात गाड़ियों ने करीब 15 मिनट में आग पर काबू पाया।
जानकारी के अनुसार एम ब्लाक स्थित इमारत में पहली मंजिल पर करीब सौ वर्ग गज क्षेत्रफल में गेमिंग जोन संचालित होता है। रविवार को छुट्टी होने की वजह से गेमिंग जोन में छह बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान बाहर की तरफ लगे एसी में शॉर्ट सर्किट से चिंगारी निकली और आग लग गई। वहां मौजूद कर्मचारियों ने सभी बच्चों को बाहर निकाला। करीब 3.21 बजे घटना की सूचना दमकल विभाग को दी गई। स्टेशन आफिसर प्रेमलाल ने बताया कि दमकल केंद्र से घटनास्थल की दूरी चंद मिनटों की होने की वजह से फायदा मिला।
गेमिंग जोन में कार्यरत एक कर्मचारी को छत से निकाला
जब आग लगी तो एक कर्मचारी जान बचाने के लिए छत पर चढ़ गया। उसे सीढ़ी की मदद से दमकल की टीम ने नीचे सुरक्षित उतारा। दो घंटे तक कूलिंग की प्रक्रिया चलाई गई और तलाशी अभियान शुरू किया गया। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
भीड़ होती तो लाक्षागृह बन जाता गेमिंग जोन
दमकल अधिकारी ने बताया कि पूरा गेमिंग जोन ज्वलनशील पदार्थों लकड़ी, कपड़े और प्लास्टिक से बना हुआ है। इसके अलावा लकड़ी का बेसमेंट बना है। लकड़ी की वजह से आग तेजी से फैली और पूरा धुआं भर गया। दमकल की टीम को धुएं की वजह से अंदर घुसने में दिक्कत हो रही थी। दमकल अधिकारी ने बताया कि अगर दमकल स्टेशन नजदीक नहीं रहता और भीड़ रहती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस गेमिंग जोन में अग्निशामक उपकरण भी मौजूद थे, लेकिन ये कितने उपयोगी हैं, यह जांच का विषय है।
गेमिंग जोन को सील किया गया
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरा गेमिंग जोन सील कर दिया गया है। पूरी तरह से आग बुझने के बाद फोरेंसिक और क्राइम टीम मौके का मुआयना करेगी। इसके अलावा बिजली कंपनी और दिल्ली सरकार के बिजली विभाग के विशेषज्ञों से घटनास्थल का मुआयना कराकर जांच रिपोर्ट मंगाई जाएगी। फिर आगे की जांच में जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी।
माता पिता को बुलाकर बच्चों को सौंपा
पुलिस ने गेमिंग जोन से निकाले गये बच्चों को उनके माता-पिता को बुलाकर सौंप दिया गया। इस पूरी घटना से बच्चों के माता-पिता भी दहशत में आ गये थे। हालांकि, सबकुछ सामान्य देखकर राहत की सांस ली।