आज से दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में 16 दिवसीय अभियान शुरू करेगा संगठन

नई दिल्ली, 12 अगस्त: आम आदमी पार्टी के छात्र विंग एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एसैप) ने दिल्ली सरकार से सभी छात्रों के लिए मेट्रो के किराए में 50 फीसद रियायत देने की मांग की है। एसैप का कहना है कि कॉलेजों की लगातार बढ़ती फीस और महंगाई के चलते छात्रों के लिए मेट्रो का किराया बोझ बन गया है। कई छात्र संघ चुनावों में एबीवीपी ने और दिल्ली चुनाव में भाजपा ने छात्रों को मेट्रो में रियायती पास देने का वादा किया था। लेकिन यह वादा पूरा नहीं हुआ।

एसैप ने बताया कि उसने मेट्रो में 50 फीसद रियायती पास देने की मांग को लेकर एलजी, सीएम, डीयू के कुलपति और डीएमआरसी को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही, इसे लेकर बुधवार से दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में 16 दिवसीय अभियान शुरू किया जाएगा। एसैप से ईशना गुप्ता ने कहा कि एक छात्र का सपना बहुत ही सीधा-साधारण होता है। छात्र एक अच्छे कॉलेज में जाएं, वहां अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और उस शिक्षा के जरिए उनके लिए बेहतर भविष्य और रोजगार के रास्ते खुलें। उनकी बड़ी मांगें नहीं होतीं, बल्कि सरकारों से सिर्फ यह उम्मीद होती है कि उनकी बुनियादी सुविधाओं में थोड़ी सी राहत मिल जाए।

एसैप के दिल्ली प्रदेश संगठन मंत्री ओम सिंह ने भी दोहराया कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के मेनिफेस्टो में छात्रों से वादा किया था कि उन्हें मेट्रो किराए में रियायत दी जाएगी। उनकी विचारधारा वाला छात्र संगठन एबीवीपी ने भी 2015, 2023 और 2024 के अपने हर मेनिफेस्टो में छात्रों से वादा किया कि वे उनके लिए मुफ्त मेट्रो पास या रियायती मेट्रो पास लाएंगे। लेकिन उनके बाकी वादों की तरह यह भी एक चुनावी जुमला ही साबित हुआ है। इसी तरह, कांग्रेस और उनके छात्र संगठन एनएसयूआई ने भी 2015 के अपने मेनिफेस्टो में वादा किया था कि वे छात्रों को मुफ्त या रियायती मेट्रो पास देंगे। एनएसयूआई ने भी 2023 के अपने मेनिफेस्टो में भी दिल्ली विश्वविद्यालय और दिल्ली के सभी छात्रों के लिए 50 फीसद मेट्रो किराए में रियायत का वादा किया था।

Rajnish Pandey
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