नई दिल्ली, 12 जुलाई: दिल्ली में हथिनिकुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चूका है। जिस कारण खादर इलाकों में यमुना का पानी घुस गया है। ऐसे में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी रखते हुए, केजरीवाल सरकार ने यमुना के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अपने राहत शिविरों में शिफ्ट किया है। जहाँ लोगों को खाना, साफ़ पानी, शौचालय, मेडिकल सहित अन्य जरुरी सुविधाएँ मुहैया करवाई जा रही है। ऐसे में राहत और बचाव संबंधी सभी तैयारियों का जायजा लेने के लिए राजस्व मंत्री आतिशी ने बुधवार को मयूर विहार व मिलेनियम डिपो स्थित केजरीवाल सरकार के बाढ़ राहत शिविर का दौरा किया और लोगों से बातचीत की।

राजस्व मंत्री आतिशी ने कहा कि, बाढ़ कुदरत का कहर है लेकिन सरकार के रूप में हमारी जिम्मेदारी इससे प्रभावित होने वाले लोगों को की मदद करना और उन्हें हर जरुरी सुविधाएँ मुहैया करवाना है। इस दिशा में खादर इलाकों से लोगों को निकालने के साथ हमने उनके लिए राहत शिविर लगाये है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में लोगों के रहने की, खाने-पानी, मेडिकल सहित अन्य तमाम व्यवस्था सुनिश्चित की है। खासतौर पर इन कैम्पों में बहुत से बच्चे भी है जिनके लिए मेडिकल सुविधा सुनिश्चित की गई है। साथ ही गर्मी के कारण यहाँ प्रशासन को पंखे लगाने व अन्य जरुरी सुविधाएँ मुहैया करवाने के निर्देश दिए है।

राजस्व मंत्री आतिशी ने यहाँ बाढ़ पीड़ितों से भी चर्चा की और प्रशासन को निर्देश दिए कि स्थानीय दिल्ली सरकार के स्कूलों से बात कर इन शिविरों में रह रहे बच्चों को उन स्कूलों में पढने के लिए भेजा जाए ताकि बच्चों की पढाई न रुके। साथ ही उन्होंने अधिकारीयों को निर्देश दिए कि, सभी शिविरों में हर जरुरी सुविधाएँ मुहैया करवाई जाए और ध्यान रखा जाए कि यहाँ रह रहे लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

मीडिया से साझा करते हुए राजस्व मंत्री आतिशी ने कहा कि पूरी दिल्ली में जहाँ-जहाँ यमुना के तटबंध है उन्हें और मजबूत बनाया जा रहा है ताकि वे टूटे न साथ ही राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। बढ़ते जलस्तर को लेकर कड़ी नजर बना रखी है और आगे की तैयारियां कर रहे है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के इतिहास में यमुना का जलस्तर कभी इतना नहीं पहुंचा है। ऐसे में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी ने आज शाम एक आपातकालीन बैठक बुलाई है, जिसमें बाढ़ और राहत तथा बचाव से संबंधित सभी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि, दिल्ली में यमुना का बढ़ता जलस्तर का कारण हरियाणा से छोड़ा जा रहा पानी है। यदि हथिनिकुंड बैराज से पानी को धीरे-धीरे नहीं छोड़ा जायेगा तो खादर के साथ-साथ यमुना का पानी आबादी वाले इलाकों में भी पहुँच सकता है। इसको लेकर हम केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार से बात करेंगे।

बता दे कि, यमुना खादर इलाके के लोगों को केजरीवाल सरकार के शिविरों में रेस्क्यू कर लाया जा रहा है। दिल्ली के 6 डिस्ट्रिक्ट में करीब 2500 शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में लोगों के लिए रहने, भोजन, पानी, मेडिकल व अन्य जरुरी सुविधाओं का प्रबंध किया गया है। इन शिविरों में लोगों की सुविधा के लिए दरी और गद्दें की भी व्यवस्था की गई है। पूर्वी दिल्ली बाढ़ से ज्यादा प्रभावित है ऐसे में यहाँ करीब 1700 से ज्यादा शिविर स्थापित किए गए है। नार्थ ईस्ट और साउथ ईस्ट में करीब 200 शिविर है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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