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भोपाल, 29 मई : मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र में तेज आंधी तूफान में उज्जैन स्थित श्री महाकाल लोक की कुछ मूर्तियों के क्षतिग्रस्त होने के मामले में प्रदेश में जोर पकड़ती राजनीति के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए फोन पर आला अधिकारियों से चर्चा कर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उज्जैन कलेक्टर और उज्जैन संभाग आयुक्त से कल ही फोन पर चर्चा की। श्री चौहान को अधिकारियों ने बताया कि कल मालवा क्षेत्र के उज्जैन एवं आसपास के इलाक़ों में तेज तूफ़ान से प्राकृतिक आपदा जैसी स्थित उत्पन्न हुई। इसमें दो लोगों की (एक उज्जैन और एक नागदा में) मृत्यु हो गई और तीन लोग घायल हुए। लगभग 50 वृक्ष और बहुत से बिजली के खंभे उखड़ गए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान को बताया गया कि श्री महाकाल लोक में 155 प्रतिमाएँ हैं, जिनमें से 6 खंडित हुई हैं। ये सभी डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के तहत कांट्रेक्टर द्वारा नई स्थापित की जाएंगी। श्री चौहान ने कहा कि ऐसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जहां तेज आंधी तूफान में तीन लोगों की मृत्यु हुई हो, लोग घायल हुए हों, वहां कांग्रेस मध्यप्रदेश के लोगों के साथ खड़े होने की बजाए राजनीति कर रही है और बिना किसी तथ्य को सामने रखे सिर्फ़ भ्रम फैलाने का काम कर रही है।

उज्जैन में कल तेज आंधी-तूफान के कारण महाकाल लोक की कुछ मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इनसे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इस मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और संपूर्ण मामले की जांच के लिए एक समिति का भी गठन कर दिया।

पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ ने अपने ट्वीट में कहा कि मध्यप्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जब उज्जैन में महाकाल मंदिर परिसर का भव्य निर्माण करने का संकल्प लिया था तब इस बात की कल्पना नहीं की थी कि बाद की सरकार महाकाल लोक के निर्माण में भी गंभीर अनियमितता करेगी। जिस तरह से महाकाल लोक परिसर में आंधी चलने से देव प्रतिमाएं जमीन पर गिर गईं, वह दृश्य किसी भी धार्मिक व्यक्ति के लिए अत्यंत करुण दृश्य है।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री चौहान से मांग की कि गिरी प्रतिमाओं के स्थान पर नई प्रतिमाएं स्थापित की जाएं और घटिया निर्माण करने वालों को जांच कर दंडित किया जाए।

श्री कमलनाथ के निर्देश पर गठित कांग्रेस की जांच समिति में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा समेत सात सदस्यों को शामिल किया गया है। ये समिति उज्जैन पहुंच कर मामले की जांच करेगी।

उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में श्री महाकाल लोक नाम के इस गलियारे का पिछले साल 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था। इस कॉरिडोर में भगवान शिव के जीवन से जुड़ी भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। श्री महाकाल लोक की ये परियोजना लगभग साढ़े आठ सौ करोड़ रुपए की लागत की है, जिसका अभी सिर्फ प्रथम चरण पूरा हुआ है। प्रथम चरण में लगभग साढ़े तीन सौ करोड़ रुपए की लागत आई थी।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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