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नई दिल्ली, 21 दिसंबर: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैँ। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को आबकारी नीति मामले में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। 5 दिसंबर को प्रवर्तन निदेशालय ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी थी।

30 जनवरी को केजरीवाल की एक याचिका पर हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट 30 जनवरी 2025 को दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में ईडी के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के आदेश के खिलाफ अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करेगा। न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील ने सूचित किया कि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू शुक्रवार को प्रस्तुतियां देने वाले थे, लेकिन वह नहीं पहुंच सके।

अदालत ने केजरीवाल के वकील के अनुरोध पर मामले को शुरू में 19 फरवरी 2025 के लिए सूचीबद्ध किया था। इसके बाद 30 जनवरी को पोस्ट किया है। केजरीवाल के वकील ने स्थगन के ईडी के अनुरोध का विरोध करते हुए कहा, ‘यहां एक व्यक्ति है, जिसके चुनाव जनवरी में आ रहे हैं और वह मामले पर बहस करने के लिए दूसरे पक्ष का अंतहीन इंतजार कर रहा है।’ अदालत ने आप नेता मनीष सिसौदिया की इसी तरह की याचिका पर भी 30 जनवरी 2025 की सुनवाई तय की है।

केजरीवाल और सिसोदिया ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग की है

केजरीवाल और सिसोदिया दोनों ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग की है और तर्क दिया है कि ट्रायल कोर्ट ने उनके अभियोजन के लिए मंजूरी के अभाव में आरोपपत्र पर संज्ञान लिया, जो कानून में अनिवार्य है क्योंकि कथित अपराध के समय वे लोक सेवक थे। हालांकि, ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल गई है और वह एक हलफनामा दाखिल करेंगे।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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