गांधीनगर, 19 नवंबर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पिछले 10 साल में जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा को 70 प्रतिशत तक कम करने में सफल रही है।

शाह ने यहां राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में 50वें अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में कहा कि आगामी दशक भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली को दुनिया में सबसे वैज्ञानिक और सबसे तेज बना देगा।

शाह ने कहा, ‘‘कई वर्षों से तीन क्षेत्रों को बहुत अशांत माना जाता था – कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित इलाके। हमने इन तीनों क्षेत्रों में सुरक्षा के मामले में उल्लेखनीय सुधार किया है। पिछले 10 साल के आंकड़ों की तुलना, उससे पहले की अवधि से करने पर पता चलता है कि हम हिंसा को 70 प्रतिशत तक कम करने में सफल रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों के लागू होने से लोगों को देश के किसी भी पुलिस थाने में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज होने के तीन साल के भीतर उच्चतम न्यायालय से न्याय मिलेगा।

तीन नए आपराधिक कानून – भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) इस साल एक जुलाई से लागू हुए और उन्होंने ब्रिटिशकालीन क्रमश: भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम का स्थान लिया।

Rajnish Pandey
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