नई दिल्ली, 30 जनवरी: राष्ट्रीय राजधानी में 76वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों का सिलसिला बुधवार शाम विजय चौक पर सैन्य टुकड़ियों के बीटिंग रिट्रीट के साथ सम्पन्न हो गया।

रक्षा मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस बार बीटिंग रिट्रीट समारोह में सेना के तीनों अंगों, थल सेना, नौसेना और

वायु सेना तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड ने कदमताल करते हुये, 30 धुनें बजाईं। समारोह के लिये चुनी गयीं सभी धुनें स्वदेशी हैं।

समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा केंद्रीय मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों, गणमान्य व्यक्तियों के साथ आम जनता शामिल हुई।

समारोह की शुरुआत, सामूहिक बैंड की धुन ‘कदम कदम बढ़ाये जा’ से हुई। उसके बाद ‘पाइप्स एंड ड्रम्स बैंड ‘अमर भारती’, ‘इंद्रधनुष’, ‘जय जन्म भूमि’, ‘नाटी इन हिमालयन वैली’, ‘गंगा जमुना’ और ‘वीर सियाचिन’ जैसी मनमोहक

धुनें बजायी गयीं।

केन्द्रीय पुलिस बलों के बैंड कर्णप्रिय ‘विजय भारत,’ राजस्थान ट्रूप्स,’ ‘ऐ वतन तेरे लिए’ और ‘भारत के जवान’ धुनें बजाई गयीं।

विज्ञप्ति के अनुसार, वायुसेना का बैंड ‘गैलेक्सी राइडर,’ ‘स्ट्राइड,’ ‘रूबरू’ और ‘मिलेनियम फ्लाइट फैंटेसी’ जैसे धुनें, नौसेना का बैंड ‘राष्ट्रीय प्रथम,’ ‘निषक निष्पद,’ ‘आत्मनिर्भर भारत,’ ‘स्वतंत्रता का प्रकाश फैलाओ,’ ‘रिदम ऑफ द रीफ’ और ‘जय भारती’ और थल सेना का बैंड ‘वीर सपूत,’ ‘ताकत वतन,’ ‘मेरा युवा भारत,’ ‘ध्रुव’ तथा ‘फौलाद का जिगर’ जैसी धुनें बजायी गयीं।

इसके बाद, सभी बैंड सामूहिक रूप से ‘प्रियम भारतम,’ ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ और ‘ड्रमर्स कॉल’ की धुनें बजायी गयीं।

कार्यक्रम का समापन बिगुल वादकों द्वारा बजाई जाने वाली सदाबहार लोकप्रिय धुन ‘सारे जहां से अच्छा’ के साथ हुआ।

इस बार के बीटिंग रिट्रीट समारोह के मुख्य संचालक कमांडर मनोज सेबेस्टियन थे। थल सेना बैंड के संचालक सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) बिशन बहादुर थे, जबकि एम एंटनी, एमसीपीओ एमयूएस द्वितीय और वारंट ऑफिसर अशोक कुमार ने क्रमशः नौसेना और वायु सेना के बैंड का संचालन किया।

केन्द्रीय पुलिस बलों के बैंड के संचालक हेड कांस्टेबल जीडी महाजन कैलाश माधव राव थे। ‘पाइप्स एंड ड्रम्स बैंड’ का संचालन सूबेदार मेजर अभिलाष सिंह ने किया, जबकि बिगुल बैंड की प्रस्तुति का नेतृत्व नायब सूबेदार भूपाल सिंह ने किया।

गणतंत्र दिवस परेड के लिये सैन्य बलों और केन्द्रीय पुलिस बलों की टुकड़ियां राजधानी में अभ्यास के लिये करीब महीने भर पहले आ जाती हैं।

बीटिंग रिट्रीट गणतंत्र दिवस के बाद तीसरे दिन आयोजित किया जाता है। यह समारोह गश्त पर निकली सैन्य टुकड़ियों के अपने मुख्य गढ़ में लौटने का सैन्य समारोह होता है। बताया जाता है कि इसकी शुरुआत इंग्लैंड में 17वीं शताब्दी में हुयी थी।

Rajnish Pandey
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