कुआलालंपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा ने भारत–मलेशिया संबंधों को नई ऊंचाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच हुई अहम वार्ता के बाद दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। इस दौरान कुल 11 द्विपक्षीय समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए, जिन्हें दोनों देशों के रिश्तों में “नए अध्याय की शुरुआत” माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया की साझेदारी केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देश मिलकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, समृद्धि और सुरक्षा को बढ़ावा देंगे।

रक्षा सहयोग में नई दिशा

वार्ता के दौरान रक्षा क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने पर विशेष जोर दिया गया। संयुक्त प्रशिक्षण, रक्षा उपकरणों के निर्माण और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। पीएम मोदी ने कहा कि **रक्षा साझेदारी आपसी विश्वास और साझा सुरक्षा हितों का प्रतीक है।

ऊर्जा और ग्रीन ट्रांजिशन पर फोकस

ऊर्जा क्षेत्र में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। हरित हाइड्रोजन, सोलर और ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों से सतत विकास लक्ष्यों को गति मिलेगी।

सेमीकंडक्टर और मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा कदम

सेमीकंडक्टर निर्माण को लेकर हुए समझौते को खास अहमियत दी जा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ पहल को मलेशिया की तकनीकी विशेषज्ञता से नई मजबूती मिलेगी। इससे वैश्विक सप्लाई चेन में दोनों देशों की भूमिका और मजबूत होगी।

व्यापार और निवेश को मिलेगी रफ्तार

व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और MSMEs के लिए नए अवसर खोलने पर भी सहमति बनी। दोनों नेताओं ने व्यापार बाधाओं को कम करने और द्विपक्षीय व्यापार को नए स्तर तक ले जाने का संकल्प दोहराया।

पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत और मलेशिया की दोस्ती विश्वास, सम्मान और साझा भविष्य पर आधारित है। आज किए गए समझौते आने वाले वर्षों में दोनों देशों के युवाओं, उद्योगों और अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर लेकर आएंगे।”

मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी भारत को विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि यह सहयोग दोनों देशों के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

कुल मिलाकर, पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा ने यह साफ कर दिया है कि रक्षा से ऊर्जा और सेमीकंडक्टर तक भारत–मलेशिया की दोस्ती अब सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि भविष्य-केंद्रित रणनीतिक साझेदारी बन चुकी है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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