मुंबई, 14 जनवरी: लोकसभा चुनावों से पहले मुंबई में कांग्रेस को झटका देते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवरा ने ”विकास के पथ पर चलने के लिए” रविवार सुबह पार्टी छोड़ दी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना में शामिल हो गए। इसके साथ ही, देवरा ने कांग्रेस पार्टी के साथ अपने परिवार के 55 साल पुराने रिश्ते को खत्म कर दिया।

‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ की शुरूआत होने से ठीक पहले देवरा के इस्तीफा देने पर कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उनके पार्टी (कांग्रेस) छोड़ने की घोषणा का समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यात्रा का जवाब देने के लिए किया, ताकि इसे मीडिया में प्रमुख खबर बनाया जा सके।

दक्षिण मुंबई से पूर्व सांसद देवरा ने रविवार सुबह ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से अपने इस्तीफे की घोषणा की।

उन्होंने कहा, ”मेरी राजनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय आज समाप्त हो गया। मैंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिससे पार्टी के साथ मेरे परिवार का 55 साल पुराना रिश्ता खत्म हो गया है। मैं वर्षों से उनके अटूट समर्थन के लिए सभी नेताओं, सहकर्मियों और कार्यकर्ताओं का आभारी हूं।”

बाद में, वह पूजा-अर्चना करने प्रभादेवी स्थित सिद्धिविनायक मंदिर गए।

दोपहर में, देवरा मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में एक कार्यक्रम में शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हो गए।

इससे पहले दिन में, जब देवरा दक्षिण मुंबई स्थित अपने आवास रामायलम से बाहर आए तो उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि वह ”विकास के पथ पर चलने” जा रहे हैं।

देवरा हाल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संयुक्त कोषाध्यक्ष नियुक्त किये गए थे।

देवरा ने दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट पर उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (यूबीटी) द्वारा दावा किये जाने पर असहमति जतायी थी। उन्होंने इस सीट का पूर्व में प्रतिनिधित्व किया है।

हालांकि, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में इस सीट पर शिवसेना के अरविंद सावंत से उन्हें शिकस्त मिली थी। सावंत, ठाकरे गुट में हैं। देवरा कभी कांग्रेस की मुंबई इकाई के प्रमुख भी रहे थे। वह पार्टी के दिवंगत नेता मुरली देवरा के बेटे हैं।

मिलिंद देवरा के ‘एक्स’ पर अपने इस्तीफे की घोषणा करने के बाद, कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री देवरा ने उस दिन पार्टी छोड़ी है जब राहुल गांधी की अगुवाई में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ हिंसाग्रस्त मणिपुर से शुरू हुई है।

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने इसे ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ से ध्यान भटकाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की साजिश बताया और ”दो बार का हारा उम्मीदवार” बताकर देवरा पर तंज कसा।

पटोले ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ से डरी हुई है।

उन्होंने कहा, ”भाजपा अफवाह फैला रही है कि कांग्रेस में विभाजन होगा। अब भाजपा और उसके सहयोगी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ से ध्यान भटकाने के लिए दो बार के हारे उम्मीदवार को अपने खेमे में शामिल कर रहे हैं। यह प्रयास कामयाब नहीं होगा।”

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण ने कहा कि देवरा दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

राउत ने कहा, ”सावंत दो बार के सांसद हैं। उनके दोबारा चुनाव लड़ने में क्या गलत है? इस पर कोई समझौता नहीं होगा।”

शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की नेता सुप्रिया सुले ने रविवार को भाजपा का मखौल उड़ाया और पूछा कि क्या उसके पास अपनी कोई प्रतिभा नहीं है।

देवरा के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर सुले ने कांग्रेस नेताओं के पाला बदलकर सत्तारूढ़ दल में जाने के स्पष्ट संदर्भ में कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल, कांग्रेस पार्टी बनते जा रहे हैं।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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