नई दिल्ली, 23 नवंबर: महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने अपने-अपने यहां सत्तारूढ़ गठबंधन को शासन की बागडोर संभाले रखने का स्पष्ट जनादेश दिया है।

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति ने प्रचंड जीत दर्ज की है जबकि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस के नेतृत्व में इंडिया समूह को करीब दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। महाराष्ट्र में कांग्रेस, राकांपा (शरद पवार) और शिव सेना (यूबीटी) गठबंधन ने लोकसभा की सफलता के बाद राज्य में सत्ता वापसी को सपना संजोया था वह बिखर गया और उनका गठबंधन करीब 50 सीट के आसपास सिमट गया है। राज्य में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के धड़े और अजीत पवार के नेतृत्व वाले राकांपा ने प्रतिद्वंदी धड़ों को पीछे छोड़ दिया है। महाराष्ट्र के चुनाव में मतदाताओं ने कांग्रेस पार्टी के जनजातीय गणना और संविधान के लिए खतरे के मुद्दे के बजाय महायुति के विकास के नारे और कल्याणकारी योजनाओं का समर्थन किया है।

महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा के साथ- साथ 15 राज्यों में 48 विधानसभा सीटों और दो लोकसभा सीटों पर भी चुनाव कराये गये थे। विधानसभा के उपचुनावों में सबसे चर्चित उत्तर प्रदेश के मुकाबलों में भाजपा और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) नौ में से सात सीटों पर जीत के साथ राजग का परचम ऊपर रखा जबकि पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान और असम में सत्तारूढ़ दलों ने अपनी मजबूत जमाए रखी है।

केरल की वायनाड लोकसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा चार लाख से अधिक मतों से विजयी घोषित हुयी हैं जबकि महाराष्ट्र की नांदेड लोक सभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार डॉ. संतुकराव मारोतराव हम्बारडे, कांग्रेस पार्टी के रवीन्द्र बसन्तराव चव्हाण से आगे चल रहे थे।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन महाराष्ट्र में अभूतपूर्व जीत हासिल की है जबकि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन बड़े बहुमत के साथ पुनः वापसी कर रहा है।

भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकापा) के सत्तारूढ़ गठबंधन इस साल लोक सभा चुनाव में महाराष्ट्र में मिले आघात से उबरते हुये, विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत की ओर बढ़ रहा है। राज्य की 288 सीटों वाली विधानसभा के चुनाव की शनिवार को चल रही मतगणना के रुझानों के अनुसार, भाजपा-शिवसेना-रांकापा के महायुति गठबंधन को 169 सीटों पर जीत मिली चुकी है और 66 सीटों पर उसके उम्मीदवार बढ़त बनाये हुये हैं।

राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी महाविकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन के उम्मीदवार 37 सीटों पर विजयी हुये हैं और 13 सीटों आगे चल रहे हैं। भाजपा को 92 सीटों पर जीत हासिल हुयी है और 41 सीटों पर बढ़त बनाए हुये है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, महायति में शिवसेना 43 पर जीत हासिल की है और 14 पर बढ़त बनाए हुये है, रांकापा को 34 पर जीत हासिल हुयी है और सात पर बढ़त बनाये हुये है जबकि महायुति में शामिल जन सुराज्य शक्ति (जेएसएस) दो सीटों पर विजयी हुयी है। गठबंधन के घटक राष्ट्रीय युवा स्वाभिमान पार्टी (आरवाईएसपी) एक सीट पर आगे है और राष्ट्रीय समाज राजर्षि शाहू विकास अघाडी ने एक सीट पर जीत हासिल की है।

विपक्षी गठबंधन महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) के घटक कांग्रेस पार्टी को 10 सीटों पर जीत हासिल हुयी है और पांच पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे थे जबकि रांकपा (शरद पवार) को छह सीटों पर जीत मिली है और चार सीटों पर आगे चल रहे हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 17 सीटों पर विजय मिली है और तीन पर बढ़त बनाये हुये हैं। विपक्षी गठबंधन में शामिल समाजवादी पार्टी को दो सीटें मिली हुयी हैं।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया और राष्ट्रीय समाज पक्ष को एक-एक सीट मिली है।

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को एक सीट पर बढ़त थी जबकि एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार को विजय मिली हुयी है और एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहा था।

शिवसेना के नेता और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महायुति की सफलता को प्रचंड जीत बताते हुये कहा कि यह सफलता ‘न भूतो, न भविष्यति’ है। उन्होंने इसके लिये ‘लाडली बहनों, लाडले किसानों’ और हर वर्ग के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। श्री शिंदे ने इसे महायुति सरकार के ढाई साल के काम का सफल बताया।

शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) के प्रवक्ता संजय राउत ने ‘चुनाव परिणाम में कुछ गडबड़ जरूर है।’ विधानसभा में स्पष्ट बहुमत के लिये 145 सीटों की जरूरत होगी।

उपमुख्यमंत्री और भाजपा के नेता ने चुनाव में महायुति की जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देते हुये कहा, “हम महाराष्ट्र के हर नागरिक के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।”

राकांपा नेता अजीत पवार ने कहा कि ‘लाडकी बहीण योजना’ ने बाजी पलट दी है। मैंने अपनी याद में ऐसी जीत नहीं देखी।

महाराष्ट्र में अक्टूबर 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और संयुक्त शिवसेना मिलकर चुनाव लड़े थे और उन्हें क्रमशः 105 और 56 सीटों पर जीत मिली थी जबकि रांकापा को 54 और कांग्रेस को 44 सीट प्राप्त हुयी थी, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना के नेता उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस रांकापा का दामन पकड़ लिया था।

इसी साल अप्रैल-मई में हुये चुनाव में महाराष्ट्र में 48 लोक सभा सीटों में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को 17 सीटों पर और कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया समूह को 30 सीटों पर जीत हासिल हुयी थी। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी।

राज्य में विधानसभा चुनाव के साथ नांदेड़ लोक सभा सीट का उपचुनाव भी कराया गया है। इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार डॉ संतुकराव मारोतराव हम्बारडे, कांग्रेस पार्टी के रवीन्द्र बसन्तराव चव्हाण से 43,800 मतों से आगे चल रहे थे।

महाराष्ट्र में भाजपा को करीब 26.72 प्रतिशत, शिवसेना 12.38, कांग्रेस को 12.24 प्रतिशत, राकांपा (शरद पवार) को 11.30 प्रतिशत, राकांपा (अजीत पवार) को 9.08 प्रतिशत, शिवसेना (यूबीटी) 10.04 प्रतिशत मत मिले हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को 1.56 प्रतिशत मिला है।

झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा की चुनाव में झामुमो के नेतृत्व वाले इंडिया समूह को कुल 56 सीटों पर जीत हुई है या फिर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। जबकि भाजपा के नेतृत्व में राजग केवल 24 सीटों पर सिमटता दिखाई दे रहा है। झामुमो के नेता और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि हम लोकतंत्र के चुनाव में पास हो गये

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

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