भुवनेश्वर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा आज की राजनीति में “पेशेवर तरीके” से काम कर रही है, जबकि विपक्षी दलों को अभी बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर भाजपा को हराना है तो अन्य राजनीतिक दलों को भी अपनी रणनीति, संगठन और जनसंपर्क को मजबूत करना होगा।

ओडिशा दौरे पर पहुंचे अखिलेश यादव ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा सिर्फ चुनाव के समय नहीं, बल्कि लगातार जमीन पर काम करती है। उन्होंने कहा, “बीजेपी की राजनीति प्रोफेशनल है। विपक्षी दलों को भी समय के साथ खुद को अपडेट करना होगा, तभी लोकतंत्र मजबूत रहेगा।”

पीडीए को मजबूत करने पर जोर

अखिलेश यादव ने ओडिशा में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) गठबंधन को मजबूत करने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पीडीए ही सामाजिक न्याय की असली ताकत है और यही वर्ग महंगाई, बेरोजगारी और असमानता से सबसे ज्यादा प्रभावित है।

उन्होंने कहा, “अगर हम पीडीए को एकजुट कर पाते हैं, तो भाजपा की राजनीति को चुनौती दी जा सकती है। ओडिशा सहित पूरे देश में सामाजिक न्याय की राजनीति को और धार देने की जरूरत है।”

 नवीन पटनायक से मुलाकात

अपने दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (BJD) प्रमुख नवीन पटनायक से भी मुलाकात की। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। हालांकि बैठक के बाद किसी संभावित गठबंधन पर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया गया, लेकिन दोनों नेताओं के बीच राष्ट्रीय राजनीति और संघीय ढांचे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही जा रही है।

 भाजपा पर परोक्ष हमला

अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए भाजपा पर आरोप लगाया कि वह सरकारी संसाधनों और एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीति के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्षी दलों का मजबूत और संगठित होना जरूरी है।

आगामी राजनीति के संकेत

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह बयान सिर्फ ओडिशा तक सीमित नहीं है, बल्कि 2029 के आम चुनावों से पहले विपक्ष को एकजुट करने की रणनीति का हिस्सा है। पीडीए की बात कर उन्होंने साफ संकेत दे दिया है कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय की राजनीति को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

कुल मिलाकर, अखिलेश यादव का यह बयान विपक्षी राजनीति को नए सिरे से सोचने और रणनीति बदलने का संदेश देता है, जिसमें भाजपा की “पेशेवर राजनीति” का मुकाबला करने की बात खुलकर कही गई है।

Rajnish Pandey
A media professional with experience in print and digital journalism, handling news editing and content management with a focus on accuracy and responsible reporting.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *