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बिहार सरकार ने राजस्व संग्रह का लक्ष्य हासिल करने में ‘विफल’ रहने पर खनन अधिकारियों का वेतन रोका

पटना, 07 जनवरी : बिहार सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में संबंधित क्षेत्रों में राजस्व संग्रह के लक्ष्य को पूरा करने में अब तक कथित तौर पर विफल रहने वाले कई जिला खनिज विकास अधिकारियों (एमडीओ) का वेतन रोक दिया है।

खान एवं भूविज्ञान विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि विभाग ने जहानाबाद, गया, मुंगेर, जमुई और औरंगाबाद के खनिज विकास अधिकारियों से ‘अपने संबंधित जिलों में दिसंबर 2023 तक राजस्व संग्रह के लक्ष्य को पूरा करने में विफल रहने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।

उन्होंने कहा कि विभाग खनन क्षेत्र से 2023-24 के लिए 3,590.66 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य का लगभग 42 प्रतिशत ही हासिल कर पाया और इसने दिसंबर 2023 तक सिर्फ 1,500 करोड़ रुपये ही एकत्र किए।

अधिकारी ने कहा कि विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में दिसंबर तक अपने संबंधित क्षेत्रों में राजस्व संग्रह के लक्ष्य को पूरा करने में विफल रहने वाले कई जिला एमडीओ का वेतन रोक दिया है।

खान एवं भूविज्ञान विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) परमार रवि मनुभाई ने बताया, ‘अब तक लक्ष्य का केवल 42 प्रतिशत राजस्व संग्रह होने और ज्यादातर जिलों का प्रदर्शन असंतोषजनक होने के कारण, संबंधित एमडीओ को प्रयास बढ़ाने और माफिया द्वारा अवैध खनन (बालू), परिवहन और भंडारण पर नकेल कसने के लिए कहा गया है।’

उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को राजस्व संग्रह में तेजी लाने और चालू वित्तीय वर्ष के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कहा गया है।

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि एमडीओ का वेतन अगले आदेश तक रोका गया है। एमडीओ का वेतन रोकने का निर्णय पिछले महीने विभाग द्वारा राजस्व संग्रह की जिलेवार समीक्षा के दौरान लिया गया था।

एसीएस ने कहा, ‘सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने लक्ष्यों को पूरा करें। कुछ जिलों को छोड़कर, सभी जिलों ने खराब प्रदर्शन किया है। गया, औरंगाबाद, मुंगेर और भागलपुर में विभिन्न निकायों (सरकारी) से कर और राजस्व संग्रह भी संतोषजनक नहीं है।’

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को राज्य में अवैध खनन में शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने और भारी जुर्माना लगाने का भी निर्देश दिया गया है। एसीएस ने कहा कि विभाग ने अब तक दंडात्मक कार्रवाई के जरिए 108.13 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं।

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